Gujarat के लोक भवन में 'यूपी की धमक' : उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर मंत्री एके शर्मा ने गिनाईं उपलब्धियां

गुजरात के लोक भवन में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का भव्य आयोजन। मंत्री ए.के. शर्मा ने यूपी के सुशासन, निवेश और किसान कल्याण की बदलती तस्वीर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

भारतीय गणतंत्र की विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण हाल ही में गुजरात के लोक भवन में देखने को मिला। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने न केवल यूपी की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक भारत–श्रेष्ठ भारत' के विजन को भी धरातल पर उतारा। इस गौरवशाली आयोजन में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूर्वोत्तर के चार राज्यों में असम, त्रिपुरा, मणिपुर व मेघालय का भी स्थापना दिवस संयुक्त रूप से मनाया गया।

यूपी के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। राज्य की प्रगति का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया।

मंत्री एके शर्मा : 'बीमारू' से 'बेमिसाल' तक का सफर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने प्रदेश की जनता को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का उत्तर प्रदेश वह नहीं है, जिसे कुछ दशक पहले तक 'बीमारू' राज्य की श्रेणी में गिना जाता था।

सुशासन और जीरो टॉलरेंस नीति

मंत्री शर्मा ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश की कायापलट का सबसे बड़ा आधार 'सुशासन' और 'सुरक्षा' है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। आज निवेशक और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, जो किसी भी राज्य के विकास की पहली शर्त होती है।

आर्थिक महाशक्ति बनता उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश आज केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरा है। मंत्री जी ने बताया कि पारदर्शी शासन और बेहतर बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के कारण राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बना है। एक्सप्रेस-वे का जाल, जेवर और अयोध्या जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सुदृढ़ बिजली व्यवस्था ने यूपी को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया है।

पांच राज्यों का संगम : एक भारत–श्रेष्ठ भारत

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहु-सांस्कृतिक स्वरूप था। गुजरात की धरती पर जब उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ असम की बिहू, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय की परंपराएं मिलीं, तो पूरा लोक भवन लघु भारत के रूप में जीवंत हो उठा।

ये गणमान्य व्यक्ति रहे उपस्थित

आचार्य देवव्रत : राज्यपाल, गुजरात (मुख्य अतिथि)।

एके शर्मा : नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री, उत्तर प्रदेश।

असम, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय के गणमान्य प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी।

किसान कल्याण और सामाजिक न्याय

मंत्री एके शर्मा ने अपने भाषण में विशेष रूप से अन्नदाता किसानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य संकल्प किसानों की आय को दोगुना करना है।

सिंचाई परियोजनाएं : अधूरी पड़ी नहर परियोजनाओं को समय पर पूरा करना।

ऊर्जा क्षेत्र में सुधार : किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना।

स्वास्थ्य क्रांति : प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन।

सांस्कृतिक वैभव और भविष्य का विजन

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की लोक कलाओं और पर्यटन क्षमता का भी प्रदर्शन किया गया। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम के पुनरुद्धार और मथुरा-वृंदावन के विकास ने यूपी को धार्मिक पर्यटन का 'ग्लोबल हब' बना दिया है।

मंत्री शर्मा ने अंत में कहा कि यह विकास यात्रा केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों के विश्वास और सहयोग का परिणाम है।

नए भारत का नया उत्तर प्रदेश

लोक भवन, गुजरात में आयोजित यह स्थापना दिवस समारोह इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश आज देश की प्रगति का इंजन बन चुका है। सुरक्षा, निवेश, और सुशासन के त्रिकोण पर खड़ा 'नया यूपी' अब विकसित भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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