Uttarakhand उत्तरायणी कौथिग-2026: रजत जयंती वर्ष में दिखी सेवा और संस्कृति की झलक, छठे दिन छाया 'रामी बौराणी' का जादू

लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग 2026 के छठे दिन पर्वतीय महापरिषद के 25 वर्षों के सफर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन हुआ। जानें झोड़ा प्रतियोगिता, लोक गायन और 'रामी बौराणी' नृत्य नाटिका के मुख्य आकर्षण।

उत्तरायणी कौथिग के रजत जयंती पर भावुक कर देने वाला वृत्तचित्र और ‘रामी बौराणी’ का शानदार मंचन

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

पर्वतीय महापरिषद लखनऊ द्वारा आयोजित ‘उत्तरायणी कौथिग-2026’ का छठा दिन भावनाओं, गौरव और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। इस वर्ष को रजत जयंती (Silver Jubilee) के रूप में मना रही महापरिषद ने अपने 25 वर्षों के सेवामयी सफर को एक विशेष वृत्तचित्र के माध्यम से जनता के सम्मुख रखा।

25 साल, बेमिसाल में दिखी महापरिषद की गौरवगाथा

कार्यक्रम का शुभारंभ ‘‘समाज एवं संस्कृति सेवा के शानदार 25 साल, बेमिसाल’’ शीर्षक वाले वृत्तचित्र (Documentary) के प्रदर्शन से हुआ। मंच से प्रसारित इस डॉक्यूमेंट्री ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इस फिल्म में दर्शाया गया कि किन विषम परिस्थितियों और उद्देश्यों के साथ पर्वतीय महापरिषद की नींव रखी गई थी। पिछले 25 वर्षों में परिषद ने निर्बल परिवारों की सहायता, आपदा प्रबंधन और कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन, एंबुलेंस व खाद्य सामग्री की व्यवस्था कर जो मिसाल पेश की, उसे प्रमुखता से दिखाया गया।

उपाध्यक्ष केएन पाण्डेय ने बताया कि इस वृत्तचित्र का संकलन राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ रंगकर्मी ललित सिंह पोखरिया ने किया है। इसमें छायाकार दयाल सिंह रावत और भुवन पाण्डेय का विशेष सहयोग रहा।

सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं: झोड़ा और 'पहाड़ी धुन पर देशी ठुमका'

वृत्तचित्र के बाद मंच लोक संगीत और नृत्यों से सज गया। क्षेत्रीय शाखाओं के बीच हुई झोड़ा प्रतियोगिता में पहाड़ की पारंपरिक सामूहिक नृत्य कला का प्रदर्शन हुआ। इसमें कई दलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

गोमती नगर दल (नेतृत्व: चित्रा काण्डपाल)

जोहार मुनस्यार सांस्कृतिक दल (नेतृत्व: नन्दा रावत)

विकास नगर दल (नेतृत्व: देवकी बोरा)

उत्तराखण्ड जनकल्याण समिति विकास नगर (नेतृत्व : हेमा तिवारी)

मानस योग केन्द्र शक्तिनगर, लखनऊ (नेतृत्व : रजनी सिंह)

देवभूमि जन सरोकार सांस्कृतिक समिति लखनऊ (नेतृत्व : हेमा देवी वाणगी)

झोड़ा के उपरांत ‘‘पहाड़ी धुनों पर देशी ठुमका’’ प्रतियोगिता ने दर्शकों का मनोरंजन किया, जिसमें पहाड़ी संगीत के साथ आधुनिक नृत्य शैलियों का संगम देखने को मिला।

मुख्य आकर्षण : नृत्य नाटिका ‘रामी बौराणी’

सांयकालीन सत्र का मुख्य आकर्षण आनंद कपकोटी के निर्देशन में प्रस्तुत लोक गाथा पर आधारित नृत्य नाटिका ‘रामी बौराणी’ रही। गोमती नगर लखनऊ शाखा के कलाकारों द्वारा किए गए इस भावपूर्ण मंचन ने उत्तराखंड की प्राचीन लोक गाथाओं को जीवंत कर दिया।

इसके अतिरिक्त, ‘पहाड़ की आवाज’ (गायन प्रतियोगिता) के 5 प्रतिभागियों और ‘झुमिगो सीजन 4’ (छपेली प्रतियोगिता) के 4 प्रतिभागियों ने अपनी कला से मंच की ऊर्जा को बनाए रखा।

दिग्गज लोक गायकों ने बांधा समां

उत्तराखंड के प्रसिद्ध मेहमान कलाकारों ने अपनी सुरीली आवाज से पूरे प्रांगण को देवभूमि के अहसास से भर दिया:

रमेश बाबू गोस्वामी : उन्होंने अपने प्रसिद्ध गीतों ‘‘गोपुली चाय खाना बंग्यार लेरो’’, ‘‘ओ भगवती त्यर नामे की जतारा लगूंला’’, ‘‘हाई तेरी रूमाला गुलाबी मुखड़ी’’, और ‘‘तिलगा तेरी लम्बी लटि’’ से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

रंजीत डफौटी : लोकगायक रंजीत डफौटी ने भी अपने चुनिंदा लोकगीतों के माध्यम से पहाड़ी लोक संस्कृति की छटा बिखेरी।

मुख्य अतिथि का स्वागत और सम्मान समारोह

छठे दिन के मुख्य अतिथि निदेशक खेल विभाग (उप्र) आरपी सिंह रहे। उनका स्वागत महापरिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से किया गया। उन्हें पुष्पगुच्छ भुवन पाण्डेय ‘जहाँवासी’ और बसंत बल्लभ भट्ट द्वारा दिया गया। वहीं, शाल ओढ़ाकर सम्मानित लक्ष्मण सिंह भण्डारी और दिलीप सिंह बोरा द्वारा किया गया। इसके अलावा केएस रावत और महेन्द्र सिंह मेहता ने उत्तराखण्डी टोपी पहनाई। प्रतीक चिह्न सुमन रावत और जानकी अधिकारी द्वारा दिया गया।

मिस उत्तरायणी रूचिका व मिस्टर उत्तरायणी रोहित बने 

कार्यक्रम के अंत में मिस उत्तरायणी रूचिका सिंह और मिस्टर उत्तरायणी रोहित सिंह को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थिति 

इस आयोजन में टीएस मनराल, केएन चंदोला, गणेश चन्द्र जोशी, महेन्द्र सिंह रावत, देवेन्द्र मिश्रा, मीडिया सलाहकार हरिश काण्डपाल, पी.सी. पन्त, ख्याली सिंह, सुनील किमोठी, के.एन. पाठक, शंकर पाण्डेय, वीरेन्द्र आर्या, बिशन दत्त जोशी, उमेद सिंह दयोपा और सुदीप जोशी आदि उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments