SIR Voter List Dispute: नाम कटने पर घर आकर दस्तावेज लेंगे चुनाव आयोग के अफसर

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम कटने पर BLO घर-घर जाकर फॉर्म-6 और दस्तावेज लेंगे। जानें दिल्ली, महाराष्ट्र की नई डेडलाइन। SIR Dispute, Election Commission of India, Draft Voter List, Form 6, Gyanesh Kumar, Voter ID Registration.

बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त व दोनों सहयोगी। सौ. एजेंसी 

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

देशभर में जारी स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) को लेकर उठे विवादों और आपत्तियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जिन लोगों के नाम हट गए हैं या छूट गए हैं, वे मतदाता सूची में पुनः नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए चुनाव आयोग के अधिकारी खुद मतदाताओं के घर-घर जाकर जरूरी दस्तावेज कलेक्ट करेंगे और उन्हें आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।

इन प्राप्त आवेदनों पर संबंधित क्षेत्रीय निर्वाचन अधिकारी (Regional Electoral Officer) तय समय-सीमा के भीतर अंतिम फैसला लेंगे।

निर्वाचन भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया निर्णय

यह महत्वपूर्ण फैसला शनिवार को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने की। बैठक में दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान SIR प्रक्रिया की प्रगति और विभिन्न राज्यों से आ रही शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।

30 राज्यों और UTs में 13.37 करोड़ नाम घटे: 14% वोटर्स प्रभावित

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, SIR प्रक्रिया के दौरान अब तक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कुल 13.37 करोड़ मतदाताओं के नाम कम हुए हैं।

वर्तमान में देश में कुल मतदाताओं की संख्या 97.98 करोड़ से अधिक है। इस हिसाब से देखें तो SIR के तहत देश के लगभग 14% वोटर्स के नाम मतदाता सूची से कट चुके हैं, जिसको लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा सवाल उठाए जा रहे थे।

दिल्ली, महाराष्ट्र और गोवा के लिए विशेष निर्देश व समय-सीमा

बैठक में राज्यों के अनुसार दावे और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज कराने की समय-सीमा में बदलाव व विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

दिल्ली और महाराष्ट्र: इन दोनों राज्यों में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।

निपटारे की समय-सीमा: दिल्ली में प्राप्त विवादों और दावों का निपटारा 30 नवंबर 2026 तक किया जाएगा, जबकि महाराष्ट्र में यह कार्य 10 नवंबर 2026 तक पूरा करना होगा।

गोवा के लिए विशेष व्यवस्था: गोवा में जिन मतदाताओं के नाम सूची में छूट गए हैं, वहां ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) खुद घर-घर जाकर मतदाताओं से फॉर्म-6 (Form-6) कलेक्ट करेंगे।

फॉर्म-6 से जुड़े विवाद पर चुनाव आयोग की सफाई

SIR में नाम न होने या छूट जाने की स्थिति में फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल कराने का दावा पेश किया जाता है।

आयोग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि फॉर्म-6 को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद नहीं है। इस प्रक्रिया और फॉर्म-6 की वैधता को माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा भी बरकरार रखा गया है। आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर फॉर्म-6 के जरिए अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं।

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