लखनऊ में 5 दिवसीय बैंकिंग और लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मियों ने निकाली रैली। 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
केंद्र सरकार द्वारा 5 दिवसीय बैंकिंग (5-Day Banking) और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने के बजाय अपनाए जा रहे सख्त रवैये के विरोध में बैंक कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। बैंक कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि वे सरकार या प्रबंधन के किसी भी दबाव, डराने या धमकाने के प्रयासों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। अपनी एकजुटता और संकल्प का परिचय देते हुए बैंक कर्मियों (जिन्हें 75% से अधिक युवा 'जेन जी' का समर्थन प्राप्त है) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मुख्य शाखा पर जोरदार प्रदर्शन किया और विशाल रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान बैंककर्मियों में भारी आक्रोश देखा गया और उन्होंने मांगों के पूरा होने तक आर-पार के संघर्ष का ऐलान किया।
सरकार के दबाव और परिपत्रों का विरोध
बैंक नेताओं (कामरेड) एस. के. संगतानी और लक्ष्मण सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक कर्मचारियों की अभूतपूर्व एकता और संघर्षशीलता से सरकार घबरा गई है। यही वजह है कि मनमाने निर्णय लिए जा रहे हैं और यही कर्मचारियों के संघर्ष की जीत की शुरुआत है।
वहीं, संदीप सिंह और वी. के. माथुर ने आरोप लगाया कि सरकार बैंक प्रबंधन के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज कराने और तबादलों (Transfers) का डर दिखाने का निर्देश दे रही है, जो बेहद निंदनीय है। अशोक अग्रवाल और सचिन केशरवानी ने सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से सावधान और सजग रहने की अपील की।
शकील अहमद, राकेश पाण्डेय और धनंजय सिंह ने बताया कि इस आंदोलन को सिर्फ बैंक कर्मचारियों का ही नहीं, बल्कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) तथा अन्य कई सरकारी विभागों के संगठनों का भी पूर्ण समर्थन और सहयोग प्राप्त है।
रविवार को बैंक खोलने के आदेश का बहिष्कार
कामरेड आशुतोष वर्मा, तारकेश्वर चौहान, आकाश शर्मा, शिव कुमार सिंह और बृजेश तिवारी ने जानकारी दी कि SBI और PNB सहित कई बैंकों के प्रबंधन ने द्विपक्षीय समझौते (Bipartite Settlement) के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। प्रबंधन ने रविवार (27 तारीख) को भी बैंक खोलने का परिपत्र (Circular) जारी किया है, जिसका कड़ा विरोध किया जा रहा है।
इस प्रकार के दमनकारी आदेशों को खारिज करते हुए स्वाति सिंह, भारती शर्मा, आनंद सिंह, अभिषेक, गौरव और विंध्य विक्रम ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी रविवार को बैंक खोलने के ऐसे किसी भी आदेश का पालन नहीं करेंगे और इसका सिरे से बहिष्कार करेंगे।
28 से 30 सितंबर तक हड़ताल, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स द्वारा अपनी जायज मांगों के समर्थन में 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल आहूत की गई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी सरकार और बैंक प्रबंधन ने उनकी लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) शुरू कर दी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और बैंक प्रबंधन की होगी।



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