लखनऊ के गोमतीनगर में जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ की पुण्यस्मृति में हिंदी साहित्य अकादमी, भारत के लखनऊ संभाग ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। करीब 40 कवियों ने काव्यांजलि दी।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
लखनऊ के गोमतीनगर में 20 सितंबर को साहित्यकार एवं समाजसेवी जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ की पुण्यस्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। हिंदी साहित्य के उत्थान और विस्तार के लिए समर्पित संस्था हिंदी साहित्य अकादमी, भारत के लखनऊ संभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकारों और कवियों ने शामिल होकर बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का आयोजन संस्था की संगठन प्रमुख डॉ. अनामिका जैन अम्बर और राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ जैन सुमन के निर्देशन में किया गया। लखनऊ संभाग की संभागाध्यक्षा शिखा श्रीवास्तव के संयोजन तथा सचिव वंदना श्रीवास्तव ‘वान्या’ और मंत्री रवीन्द्र श्रीवास्तव के सहयोग से कार्यक्रम संपन्न हुआ।
पुष्पांजलि अर्पित कर रखा दो मिनट का मौन
कार्यक्रम के आरंभ में विशिष्ट अतिथि सौरभ अग्रवाल, जो जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ के दत्तक पुत्र हैं, तथा शिवम कटियार ने बाबूजी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ को श्रद्धांजलि दी।
करीब 40 कवियों ने दी काव्यांजलि
श्रद्धांजलि सभा में जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ के साहित्यकारों के प्रति स्नेह और सहयोग को याद किया गया। वक्ताओं के अनुसार, बाबूजी साहित्यकारों के प्रति विशेष लगाव रखते थे और उनके सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहते थे।
इसी भावना को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में शामिल करीब 40 कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से काव्यांजलि अर्पित की। काव्यांजलि कार्यक्रम का संचालन अभिषेक ‘अभिराम’ ने किया।
पवन सिंह चौहान और राजा बाजपेयी रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य पवन सिंह-चौहान और समाजसेवी राजा बाजपेयी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा में शायर रामप्रकाश ‘बेखुद’, मृदु व्यास, अटल नारायण सहित अनेक साहित्यकार और कवि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं और कवियों ने जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ के साहित्यकारों के साथ जुड़ाव, उनके सहयोगी स्वभाव और साहित्य के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
टीम के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
श्रद्धांजलि सभा की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में सुनील मेहरोत्रा, डॉ. अजय वर्मा ‘साथी’, रश्मि श्रीवास्तव और सरोज बाला सोनी सहित पूरी टीम का सहयोग रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों और कवियों ने जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ की स्मृतियों को नमन करते हुए साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों के प्रति उनके समर्पण को याद किया।

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