दिनांक : 30 जून 2026
दिन : मंगलवार
विक्रम संवत् : 2083
अयन : दक्षिणायन
दक्षिणायन की शुरुआत- अभी हाल ही में 21 जून 2026 को सूर्य ने मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश किया था, जिसके साथ ही दक्षिणायन की शुरुआत हो चुकी है।
प्रभाव- दक्षिणायन के दौरान दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें बड़ी होने लगती हैं। पारंपरिक रूप से इसे देवताओं की रात्रि और साधना, व्रत व उपवास (जैसे चातुर्मास) के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
सौर ऋतु : वर्षा ऋतु (Monsoon Season)
मास : आषाढ़
पक्ष : कृष्ण पक्ष
तिथि : प्रतिपदा (पूर्ण रात्रि तक)
नक्षत्र : पूर्वाषाढ़ा (पूर्ण रात्रि तक)
योग : ब्रह्म योग (दोपहर 03:19 PM तक, उसके बाद इंद्र योग)
करण : बालव / कौलव
सूर्योदय : सुबह 05:15 बजे
सूर्यास्त : शाम 07:05 बजे
दिशा शूल : उत्तर दिशा (North)
अगर आपको आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करनी ही पड़े, तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसके प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगलवार के दिन उत्तर दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि बहुत जरूरी न हो, तो आज उत्तर दिशा की ओर लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए।
अनिवार्य यात्रा के लिए उपाय: यदि आज उत्तर दिशा में यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो घर से निकलने से पहले गुड़ या घी खाकर निकलें। साथ ही, हनुमान जी का स्मरण करें ताकि यात्रा में आने वाले विघ्न दूर हों।
शुभ महूर्त-
बृह्म मुहूर्त - सुबह 03:39 AM से 04:27 AM तक।
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 11:35 AM से 12:29 PM तक (शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ)
अशुभ मुहूर्त-
राहुकाल - प्रातः 03:54 PM से 05:39 PM तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित होते हैं)
यमगण्ड - दोपहर 08.37 AM से 10.20 AM तक
सूर्य राशि : मिथुन राशि
चंद्रमा राशि : धनु राशि (Cancer)
भद्रा : नहीं है।
आचार्य आदित्य वशिष्ठ |
वाट्सएप नं.:-7309053333
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