अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के परकोटे पर स्थित भगवान शिव के मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधि-विधान से ध्वजारोहण किया। जानें सीएम योगी का 'विभाजन' और 'विरासत' पर बड़ा संदेश।
Ram Mandir राम मंदिर के परकोटे में स्थापित शिव मंदिर पर CM योगी ने किया ध्वजारोहण, एकता का दिया संदेश
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अयोध्या
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अयोध्या दौरे के दौरान राम जन्मभूमि मंदिर के परकोटे में नवनिर्मित भगवान शिव के मंदिर के शिखर पर विधि-विधान से पूजन कर ध्वजारोहण किया। सायं 5:45 बजे संपन्न हुए इस अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोचार के बीच सीएम योगी ने सनातन धर्म की एकता और भारत की अखंडता को मजबूत करने का आह्वान किया।
"विभाजन करने वाले महापापी": मुख्यमंत्री का प्रहार
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन शक्तियों पर निशाना साधा जो समाज को जाति के आधार पर बांटने का प्रयास कर रही हैं।
एकता की शक्ति : "राम की तरह समाज को एक सूत्र में पिरोने पर ही हम सुरक्षित हैं।"
जातीय राजनीति पर प्रहार : महापुरुषों को जाति के आधार पर बांटने वाले लोग 'महापापी' हैं।
डॉ. लोहिया का संदर्भ : सीएम ने कहा कि समाजवाद के प्रणेता डॉ. राम मनोहर लोहिया ने स्वीकार किया था कि जब तक राम, कृष्ण और शिव के संदेश जीवित हैं, भारत को कोई विभाजित नहीं कर सकता। लेकिन आज उनके तथाकथित अनुयायी ही समाज को खंडित करने का पाप कर रहे हैं।
राम मंदिर आंदोलन और विरासत का गौरव
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन को विश्व का सबसे अनूठा आंदोलन बताते हुए अशोक सिंघल जी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि 1528 से जारी संघर्ष और 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए भूमि पूजन के बाद आज जो भव्यता दिख रही है, वह 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास की जीत है।
"22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या ने दुनिया को संदेश दिया है कि हम रुकेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।" - योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री।
शिव मंदिर की विशेषताएँ
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने मंदिर निर्माण की बारीकियों को साझा किया।
ध्वजदंड की ऊंचाई : शिव मंदिर का ध्वजदंड 19 फीट 7 इंच ऊंचा है।
ध्वज का आकार : इसकी लंबाई 9 फीट 3 इंच और चौड़ाई 4 फीट 7 इंच है।
सामाजिक समरसता : परकोटे के मंदिर उन सभी महापुरुषों और देवताओं को समर्पित हैं जिनसे भगवान राम का संबंध रहा है, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान आचार्य इंद्रदेव मिश्र और वेदपाठी विद्वानों ने राष्ट्र सूक्त पाठ किया। मंच पर चंपत राय के अलावा न्यासी डॉ. अनिल मिश्र, महंत स्वामी दिनेन्द्र दास, अवनीश अवस्थी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में भी दर्शन-पूजन किया।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
समय : शाम 5:45 बजे हुआ ध्वजारोहण।
स्थान : राम मंदिर परकोटे का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व)।
संदेश : "विरासत का सम्मान और विभाजनकारी शक्तियों से दूरी।"
तकनीक : राम मंदिर निर्माण की इंजीनियरिंग को डिजिटली सुरक्षित किया गया है ताकि भविष्य की पीढ़ी इसे पढ़ सके।








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