भीषण गर्मी और लू (Heat Stroke) से कैसे बचें? IMA कानपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा बताए गए बचाव के उपाय, लक्षण और प्राथमिक उपचार की विस्तृत जानकारी यहाँ पढ़ें।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), कानपुर शाखा द्वारा "हीट स्ट्रोक (लू) से बचाव" विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। परेड स्थित IMA के कॉन्फ्रेंस हॉल “Temple of Service” में आयोजित वार्ता में शहर के दिग्गज चिकित्सकों ने बढ़ती गर्मी के जानलेवा खतरों के प्रति जनता को आगाह किया।
आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा और सचिव डॉ. शालिनी मोहन के नेतृत्व में आयोजित इस चर्चा में डॉ. डीपी अग्रवाल, डॉ. एसी अग्रवाल सहित कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और बताया कि कैसे छोटी सी सावधानी बड़े खतरे को टाल सकती है।
क्या है हीट स्ट्रोक (Heat Stroke)
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। यह तब होता है जब अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर का तापमान 40^\circ\text{C} (104°F) या उससे अधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर की प्राकृतिक शीतलन प्रणाली (पसीना आना) काम करना बंद कर देती है, जो अंगों को नुकसान पहुँचा सकती है और जानलेवा साबित हो सकती है।
हीट स्ट्रोक (लू) के प्रमुख लक्षण
लू लगने की पहचान समय रहते करना बेहद जरूरी है। इसके मुख्य संकेत ये हैं।
अत्यधिक बुखार : शरीर का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाना।
त्वचा में बदलाव : त्वचा का लाल, गर्म और सूखा हो जाना (पसीना आना बंद होना)।
दिमागी असंतुलन : भ्रम की स्थिति, चक्कर आना, बेहोशी या दौरे पड़ना।
पाचन संबंधी समस्या : जी मिचलाना, उल्टी होना या तेज सिरदर्द।
धड़कन और सांस : सांस लेने में तकलीफ और हृदय गति का तेज होना।
इन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा
विशेषज्ञों ने विशेष रूप से इन श्रेणियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बच्चे और बुजुर्ग : इनका शरीर तापमान परिवर्तन के प्रति अधिक संवेदनशील होता है।
आउटडोर वर्कर : मजदूर, पुलिसकर्मी और फील्ड में काम करने वाले लोग।
क्रोनिक मरीज : हृदय रोग, किडनी की बीमारी या मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति।
डिहाइड्रेटेड लोग : जो पर्याप्त पानी नहीं पीते।
लू से बचाव के प्रभावी उपाय (Prevention Tips)
IMA कानपुर के डॉक्टरों ने "हाइड्रेशन" को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बताया है।
तरल पदार्थों का सेवन : दिन भर पानी, ORS घोल, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी पीते रहें।
सही पहनावा : हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा लगती रहे।
पीक ऑवर्स से बचें : दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बाहर निकलने से बचें।
सुरक्षा कवच : धूप में निकलते समय सिर को छाते, टोपी या सूती गमछे से जरूर ढकें।
खाली पेट न रहें : कभी भी खाली पेट या बिना पानी पिए तेज धूप में न जाएं।
आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार (First Aid)
- अगर आपके आस-पास किसी को लू लग जाए, तो तुरंत ये कदम उठाएं।
- मरीज को तुरंत किसी ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं।
- शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां रखें या गीले कपड़े से बदन पोंछें।
- यदि मरीज होश में हो, तो उसे धीरे-धीरे पानी या ORS पिलाएं।
- मरीज के कपड़े ढीले कर दें और पंखे या कूलर के सामने लिटाएं।
- बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें।
IMA कानपुर के डॉक्टरों की अपील
डॉ. अनुराग मेहरोत्रा और अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने शहरवासियों से अपील की है कि "लापरवाही जानलेवा हो सकती है।" गर्मी को हल्के में न लें, हाइड्रेटेड रहें और सुरक्षित रहें।
प्रेसवार्ता में उपस्थित विशेषज्ञ
डॉ. डीपी अग्रवाल, डॉ. एसी अग्रवाल, डॉ. पुनीत दीक्षित, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. आशुतोष त्रिवेदी, डॉ. राहुल कपूर, डॉ. विशाल सिंह, डॉ. दीपक श्रीवास्तव एवं अन्य।
नोट : यह जानकारी सार्वजनिक हित में IMA कानपुर द्वारा जारी की गई है।

0 Comments
if you have any doubt,pl let me know