उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा हेतु 9 सूत्रीय गाइडलाइन जारी की है। अब बुटीक में महिला ही नाप लेंगी और जिम-योगा सेंटर में महिला ट्रेनर अनिवार्य होंगी। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
यूपी में महिला सुरक्षा पर बड़ा फैसला : जिम, योग सेंटर और बुटीक के लिए 9 सूत्रीय गाइडलाइन जारी
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और निजता (Privacy) को पुख्ता करने की दिशा में राज्य महिला आयोग ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को 9 सूत्रीय निर्देश भेजकर इन्हें कड़ाई से लागू करने को कहा है। इन नए नियमों के तहत अब डांस क्लास से लेकर कपड़ों की नाप तक के लिए महिला कर्मचारियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला
यह ऐतिहासिक निर्णय अधिवक्ता प्रवीण फाइटर की याचिका पर सुनवाई के बाद लिया गया है। आयोग का मानना है कि जिम, कोचिंग सेंटर और बुटीक जैसे स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए यह पहल आवश्यक है।
9 सूत्रीय निर्देशों की मुख्य बातें
महिला आयोग द्वारा जारी आदेशों में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया है।
महिला ट्रेनर अनिवार्य : सभी जिम, योग सेंटर और नाट्य कला (डांस) केंद्रों में महिला ट्रेनर या टीचर का होना अनिवार्य होगा।
बुटीक और टेलरिंग : बुटीक सेंटरों पर महिला ग्राहकों के कपड़ों की नाप केवल महिला टेलर ही ले सकेंगी। पुरुष टेलर को महिला की नाप लेने की अनुमति नहीं होगी।
कर्मचारियों का सत्यापन : जिम और योगा सेंटरों में कार्यरत सभी ट्रेनर्स का पुलिस सत्यापन (Verification) अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
दुकानों पर महिला स्टाफ: महिलाओं के वस्त्र
(Undergarments/Apparels) बेचने वाली दुकानों पर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
CCTV और DVR : सभी कोचिंग सेंटर, जिम, योगा क्लास और बुटीक में सक्रिय CCTV कैमरे और DVR की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
स्कूल बस सुरक्षा : राज्य की सभी स्कूल बसों में महिला सुरक्षाकर्मी या महिला टीचर की मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है।
पहचान पत्र का प्रावधान : जिम या योगा सेंटर में प्रवेश के समय ग्राहकों को आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र की फोटोकॉपी जमा करना अनिवार्य होगा।
वाशरूम व्यवस्था : कोचिंग सेंटरों में छात्राओं के लिए उचित और सुरक्षित वाशरूम व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
निरीक्षण और अनुपालन : इन निर्देशों का पालन न करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सुरक्षा के नजरिए से क्यों है अहम
आयोग के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक और निजी व्यावसायिक केंद्रों पर महिलाओं के लिए एक 'सेफ स्पेस' (Safe Space) बनाना है। अक्सर जिम या बुटीक में छेड़खानी या अनुचित स्पर्श की शिकायतें सामने आती रही हैं। महिला आयोग का मानना है कि महिला स्टाफ की मौजूदगी से ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी और महिलाएं अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
महिलाओं के लिए पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार अब इन निर्देशों को स्थानीय प्रशासन के माध्यम से जमीन पर उतारने की तैयारी कर रही है। यह आदेश न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।


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