Congress defamation case Republic TV कांग्रेस ने रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ दिल्ली HC में मानहानि का केस किया। जानें क्या है तुर्की ऑफिस विवाद में होने वाली सुनवाई की पूरी जानकारी। Arnab Goswami Delhi High Court.
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह विवाद एक टीवी रिपोर्ट से शुरू हुआ जिसमें दावा किया गया था कि कांग्रेस पार्टी ने तुर्की में अपना एक कार्यालय खोला है। Turkey Office Controversy.
पूरे मामले की यह है पृष्ठभूमि
रिपब्लिक टीवी ने हाल ही में एक रिपोर्ट प्रसारित की थी, जिसमें इस्तांबुल, तुर्की की एक इमारत को कांग्रेस का 'विदेशी कार्यालय' बताया गया था। कांग्रेस का आरोप है कि यह खबर पूरी तरह से भ्रामक और पार्टी की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब करने के लिए चलाई गई थी।
तथ्यों की जांच: बिल्डिंग या कन्वेंशन सेंटर
विवाद का मुख्य केंद्र वह इमारत है जिसे रिपब्लिक टीवी ने कांग्रेस कार्यालय बताया था। शुरुआती जांच और कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार:
दिखाई गई बिल्डिंग वास्तव में कोई राजनीतिक कार्यालय नहीं, बल्कि तुर्की का एक कन्वेंशन सेंटर (Convention Center) है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि तुर्की में उनका कोई आधिकारिक कार्यालय नहीं है और चैनल ने बिना तथ्यों की पुष्टि किए यह प्रसारण किया।
न्यायिक प्रक्रिया और वर्तमान स्थिति
कांग्रेस ने इसे 'सोची-समझी साजिश' करार देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में चैनल से माफी मांगने और भ्रामक कंटेंट को हटाने की मांग की गई है।
"न्यायालय इस मामले पर सुनवाई करेगा, जहां यह तय होगा कि क्या चैनल के खिलाफ अंतरिम रोक (Injunction) या अन्य दंडात्मक आदेश दिए जाने चाहिए।"
फेक न्यूज के दौर में पत्रकारिता के मानकों पर सवाल
यह मामला न केवल कांग्रेस और रिपब्लिक टीवी के बीच की कानूनी लड़ाई है, बल्कि यह मीडिया की जिम्मेदारी और 'फेक न्यूज' के दौर में पत्रकारिता के मानकों पर भी सवाल उठाता है।
मानहानि की परिभाषा (Section 356, BNS / Old Section 499, IPC)
कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति शब्दों (बोलकर या लिखकर), संकेतों या दृश्यों (जैसे टीवी रिपोर्ट) के माध्यम से किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के इरादे से कोई असत्य आरोप लगाता है, तो वह मानहानि है।
इस केस में कांग्रेस को सिद्ध करना होगा कि रिपब्लिक टीवी ने 'तुर्की ऑफिस' वाली बात यह जानते हुए दिखाई कि वह गलत है। उन्होंने तथ्यों की पुष्टि करने में भारी लापरवाही बरती।
मानहानि के लिए दंड (Section 356, BNS / Old Section 500, IPC)
दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है। इसमें साधारण कारावास (जिसे 2 साल तक बढ़ाया जा सकता है)। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसमें सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है।
नोट : नए कानून (BNS) के तहत, कुछ मामलों में सामुदायिक सेवा (Community Service) का भी विकल्प दिया गया है।
दीवानी मानहानि (Civil Defamation)
कांग्रेस ने दिल्ली हाई कोर्ट में संभवत 'सिविल सूट' दायर किया है, जिसके तहत मांग की गई होगी।
Damages (मुआवजा) : पार्टी की छवि खराब करने के बदले बड़ी रकम का हर्जाना।
Injunction (निषेधाज्ञा) : कोर्ट से आदेश कि चैनल उस रिपोर्ट को तुरंत हटाए और भविष्य में ऐसी रिपोर्ट न चलाए।
Unconditional Apology : सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी की मांग।
बचाव के पक्ष (Exceptions)
अर्नब गोस्वामी और उनकी टीम बचाव में ये तर्क दे सकती है।
सत्यता (Truth) : अगर वे साबित कर सकें कि उनकी रिपोर्ट सही थी (जो इस मामले में मुश्किल लग रहा है क्योंकि वह एक कन्वेंशन सेंटर बताया जा रहा है)।
Good Faith (सद्भावना) : उन्होंने जनहित में यह रिपोर्ट चलाई और उनका उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं था।
कोर्ट का यह हो सकता अगला कदम
सुनवाई में कोर्ट सबसे पहले यह देखेगा कि क्या कांग्रेस के पास 'Prima Facie' (प्रथम दृष्टया) केस बनता है। यदि कोर्ट को लगता है कि रिपोर्ट वास्तव में भ्रामक थी, तो वह चैनल को नोटिस जारी कर सकता है या विवादित कंटेंट हटाने का अंतरिम आदेश दे सकता है।


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