उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने कानून व्यवस्था की समीक्षा की। महाशिवरात्रि, होली और रमजान को लेकर सुरक्षा व्यवस्था, नए कानून के पालन और जन शिकायतों के निस्तारण पर दिए कड़े निर्देश। UP DGP Rajiv Krishna Law and Order Review.
LKO Big Breaking : यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने की कानून व्यवस्था की समीक्षा, त्योहारों और सुरक्षा को लेकर दिए ये बड़े निर्देश
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों में यूपी पुलिसिंग में जो व्यापक बदलाव आए हैं, विभाग का हर अधिकारी उसका साक्षी भी है और महत्वपूर्ण पार्टनर भी।
जनता की सुनवाई सर्वोच्च प्राथमिकता
डीजीपी ने जिलों के कप्तानों और पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण ही पुलिस के कार्यों के मूल्यांकन का मुख्य आधार होगा। उन्होंने कहा कि थानों और कार्यालयों में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को टालने के बजाय उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
आगामी त्योहारों के लिए अभेद्य सुरक्षा कवच
आने वाले दिनों में महाशिवरात्रि, होली और रमजान जैसे बड़े पर्वों को देखते हुए डीजीपी ने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
महाशिवरात्रि : प्रमुख मंदिरों, नदियों और घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया जाए और श्रद्धालुओं के लिए सुगम यातायात व्यवस्था बनाई जाए।
होली : होलिका दहन स्थलों का पहले से निरीक्षण कर वहां सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
रमजान : मस्जिदों के आसपास के मार्गों पर सफाई और नमाज के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।
पुराने विवादों का निस्तारण और सतर्कता
डीजीपी राजीव कृष्ण ने निर्देश दिया कि त्योहारों के मद्देनजर पिछले वर्षों में हुए विवादों की समीक्षा की जाए। सभी संबंधित पक्षों (Peace Committees) से वार्ता कर विवादों को समय रहते सुलझा लिया जाए। उन्होंने 'इंटेलिजेंस' पर जोर देते हुए कहा कि एलआईयू (LIU) और गोपनीय सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।
सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म्स पर सतर्क निगरानी रखी जाए। ताकि भ्रामक खबरों या अफवाहों को फैलने से रोका जा सके।
छोटी से छोटी सूचना पर भी तत्काल एक्शन लिया जाए। साथ ही आवश्यकतानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
नए आपराधिक कानून और बजट का सही उपयोग
कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर डीजीपी ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए ताकि विवेचना (Investigation) की गुणवत्ता में सुधार हो। साथ ही, चालू वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट का समयबद्ध और समुचित उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।
डीजीपी का संदेश
"शासन की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक पुलिसकर्मी को पूर्ण मनोयोग और निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए ताकि प्रदेश में उच्च स्तरीय सुरक्षा का माहौल बना रहे।" राजीव कृष्ण, डीजीपी, उत्तर प्रदेश।


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