Mahashivratri Puja Samagri : महाशिवरात्रि पर शिव जी को प्रसन्न करने वाली पूजा सामग्री और अचूक मंत्रों की लिस्ट

Mahashivratri 2026 की पूजा के लिए नोट कर लें जरूरी सामग्री की लिस्ट। जानें भगवान शिव के प्रिय फूल, फल और वे शक्तिशाली मंत्र जो चमका देंगे आपकी किस्मत।

Mahashivratri : महादेव की कृपा पाने के लिए जानें पूरी पूजा सामग्री और शक्तिशाली मंत्र

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

महाशिवरात्रि का पावन पर्व आने वाला है। शास्त्रों के अनुसार, शिवजी अत्यंत भोले हैं और केवल एक लोटा जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन यदि विधि-विधान और उनकी प्रिय सामग्री के साथ पूजा की जाए, तो वे भक्तों की हर मनोकामना शीघ्र पूर्ण करते हैं।

यदि आप भी 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का व्रत रख रहे हैं, तो पूजा की तैयारी पहले से ही कर लें। यहां देखें पूरी सामग्री की लिस्ट और प्रभावशाली मंत्र।

महाशिवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट (Complete Checklist)

शिव पूजा में शुद्धता का विशेष महत्व है। नीचे दी गई सामग्री अपनी थाली में जरूर शामिल करें।

अभिषेक के लिए (Abhishek Samagri)

शुद्ध जल और गंगाजल

कच्चा दूध (गाय का)

दही, शहद और शुद्ध घी

शक्कर या मिश्री (पंचामृत बनाने के लिए)

शिव जी की प्रिय वस्तुएं

बेलपत्र : कम से कम 11 या 21 (ध्यान रहे कि पत्ते कटे-फटे न हों)

शमी के पत्ते : शनि दोष से मुक्ति के लिए।

धतूरा और भांग : महादेव को अति प्रिय हैं।

अकौआ (मदार) के फूल : सफेद रंग के फूल विशेष फलदायी होते हैं।

चंदन : सफेद या पीला अष्टगंध चंदन।

अन्य आवश्यक सामग्री

धूप, दीप और अगरबत्ती

कपूर (आरती के लिए)

फल (विशेषकर बेर और केला)

मिठाई (नैवेद्य के लिए)

अक्षत (बिना टूटे हुए चावल)

जनेऊ और कलावा (मौली)

इन शक्तिशाली मंत्रों से करें महादेव को प्रसन्न

पूजा के दौरान इन मंत्रों का शांत मन से उच्चारण करने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

पंचाक्षरी मंत्र (सबसे सरल और शक्तिशाली)

“ॐ नमः शिवाय”

(अर्थ: मैं उस भगवान शिव को नमन करता हूं जो ब्रह्मांड के आधार हैं।)

महामृत्युंजय मंत्र (अकाल मृत्यु और रोगों से मुक्ति के लिए)

“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”

शिव गायत्री मंत्र (ज्ञान और बुद्धि के लिए)

“ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥”

पूजा करते समय रखें इन 3 बातों का ध्यान

हल्दी का प्रयोग न करें : भगवान शिव वैरागी हैं, इसलिए उनकी पूजा में हल्दी या सिंदूर का प्रयोग नहीं किया जाता (अभिषेक के समय)।

शंख वर्जित : शिव पुराण के अनुसार, शिव पूजा में शंख से जल अर्पित नहीं करना चाहिए।

केतकी का फूल : पौराणिक कथाओं के अनुसार, महादेव की पूजा में केतकी का फूल चढ़ाना वर्जित माना गया है।

अपनी पूजा की थाली आज ही तैयार करें

महाशिवरात्रि पर सच्ची श्रद्धा और सही सामग्री के साथ की गई पूजा जीवन के सभी संकटों को हर लेती है। अपनी पूजा की थाली आज ही तैयार करें और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ पर्व मनाएं।

सौजन्य से : आचार्य आनंद शुक्ला।

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