देश भर से दर्शन और पूजन के लिए पहुंचने लगे लोग, इन धार्मिक स्थलों पर दो-दो किलोमीटर लंबी लाइनें लगीं
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| काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के लिए सुबह से कतार में खड़े श्रद्धालु। |
साल 2026 के स्वागत और पुराने साल 2025 की विदाई के लिए लाखों श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के पावन धामों की ओर बढ़ रहे हैं। काशी विश्वनाथ, मथुरा-वृंदावन और अयोध्या में भक्तों की इतनी भीड़ है कि प्रशासन के लिए संभालना मुश्किल होने लगा है। प्रमुख मंदिरों के बाहर दो-दो किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं। इन धार्मिक स्थलों की गलियों में खड़े होने की जगह नहीं है।
काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
एक हफ्ते में 20 लाख श्रद्धालु रिकॉर्ड दर्शन करने के लिए यहां पहुंचे हैं। धर्म की नगरी काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। पिछले हफ्ते में 20 लाख से अधिक भक्तों ने मत्था टेका है, जबकि अब लगभग 3 लाख लोग शहर में मौजूद हैं।
भीड़ को देखते हुए सख्त नियम : भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
प्रवेश व्यवस्था में बदलाव: भक्तों को चार अलग-अलग द्वारों से प्रवेश दिया जा रहा है।
ट्रैफिक अलर्ट : मंदिर के 2 किमी के दायरे में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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| श्रीबांके बिहारी मंदिर वृंदावन में उमड़े श्रद्धालु। |
नए साल में दर्शन पूजन के लिए भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने अपील की है कि "अभी न आएं। मथुरा और वृंदावन की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। बांके बिहारी मंदिर और बरसाना में करीब 2 लाख श्रद्धालु मौजूद हैं। भारी भीड़ के कारण होने वाली अफरा-तफरी को देखते हुए बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने एक एडवाइजरी जारी की है। प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे 5 जनवरी तक वृंदावन आने से बचें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
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| अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर । |
राम मंदिर निर्माण के बाद यह नया साल खास है। अयोध्या में करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी के आसपास डेरा डाले हैं। सरयू घाट से लेकर राम पथ तक सिर्फ सिर ही सिर नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसी भीड़ केवल सावन के सोमवार या कुंभ के दौरान ही देखी जाती थी।
प्रशासन की तैयारी
भीड़ को देखते हुए सभी शहरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। नए साल पर होने वाली विशेष आरती और उत्सवों के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।



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