कानपुर ICAI भवन में आयोजित सेमिनार में CA प्रशांत रस्तोगी ने ऑडिट रिपोर्ट और सपोर्टिंग एविडेंस के महत्व को बताया। जानें 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले Peer Review के नए नियम।
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| सेमिनार में मौजूद मुख्य वक्ता। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर
द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (CIRC) ने लखनपुर स्थित ICAI भवन में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया। “कोड ऑफ एथिक्स और स्टैंडर्ड्स ऑफ ऑडिटिंग” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को ऑडिट मानकों में हो रहे नवीनतम बदलावों से अवगत कराना था। साथ ही सभी सदस्यों की कार्यक्षमता में गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी था।
ऑडिट रिपोर्ट में 'सपोर्टिंग एविडेंस' की भूमिका अहम: CA प्रशांत रस्तोगी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि CA प्रशांत रस्तोगी ने ऑडिटिंग की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी ऑडिट पेपर या रिपोर्ट की विश्वसनीयता उसके सपोर्टिंग एविडेंस पर निर्भर करती है।
ऑडिटिंग के मानकों में साक्ष्यों की भूमिका को सर्वोपरि माना गया है। यह ऑडिट की गुणवत्ता को मजबूत बनाती है।
महत्वपूर्ण घोषणा: उन्होंने जानकारी दी कि 1 जनवरी 2026 से सभी CA फर्म्स के लिए 'पियर रिव्यू' अनिवार्य होगा।
एथिक्स ही प्रोफेशन की आत्मा
सेमिनार के मुख्य वक्ता CA शाश्वत गुप्ता ने कोड ऑफ एथिक्स पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी के पेशे में स्वतंत्रता, गोपनीयता और पेशेवर सक्षमता ही जनता के विश्वास का आधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ICAI द्वारा जारी एथिकल फ्रेमवर्क केवल गाइडलाइंस नहीं, बल्कि इस पेशे की आत्मा है।
इस ज्ञानवर्धक सत्र की अध्यक्षता CA अमित अग्रवाल ने की, जबकि संचालन CA नितिन ओमर ने किया।
सेमिनार में शहर के वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने शामिल हुए, उनमें मुख्य रूप से CA आरपी सिंह, CA बन्दना मिश्रा, CA सौम्या गुप्ता, CA दिनेश निगम, CA अमीश गुप्ता सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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