Ayodhya: रोम रोम में राम के साथ आए कानपुर के रोटेरियन्स

चम्पत राय ने कहा समझना होगा विवाद का मूल कारण, श्रीराम हर्षणम् के सभागार में दी श्रीराम मंदिर निर्माण की जानकारी





प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अयोध्या


श्रीराम जन्मभूमि के संघर्ष, हक के लिए चली लंबी न्यायिक लड़ाई के बाद नवनिर्मित भव्य राम मंदिर की पूरी सिलसिलेवार कहानी सुन रोटेरियंस रोमांचित हो उठे। मौका था श्रीराम हर्षणम् सभागार में रोटरी क्लब कानपुर मेन की बैठक का। इस अवसर पर चंपत राय ने कहा कि यहां स्थानीय हिन्दू-मुस्लिम विवाद मेरी याद में कभी हुआ ही नहीं। बैठक के बाद सभी ने उत्साह और भक्तिभाव से श्रीराम लला के दर्शन किए। 


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मीडिया प्रभारी सुबोध मिश्र और रोटेरियन डॉ. प्रवीन कटियार व गौरव अग्रवाल जैन।



अमेरिका के शिकागो शहर में 23 फरवरी 1905 को पॉल हैरिस ने जिस रोटरी क्लब की स्थापना की उस क्लब के सदस्य राम के रंग में रंगते नजर आए। इसे राम व अयोध्या के प्रति आकर्षण ही कहा जाएगा, जिससे प्रभावित होकर रोटरी क्लब कानपुर मेन ने "रोम रोम में राम" कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या मंदिरों की नगरी है। 





जब पूछा गया कि एक छोटे से प्लॉट के लिए विवाद क्या था, इस सवाल का उत्तर खोजना चाहिए। समाज कहता है कि यह जो छोटे से प्लॉट में तीन गुंबद वाला एक ढांचा खड़ा है, जिसको लोग बाबरी मस्जिद कहते हैं। यहां पर न कभी एक मंदिर था जो मंदिर जन्म स्थान के नाम से जाना जाता था। 



इस विषय को विश्व हिंदू परिषद में अपने हाथों में ले लिया इसको मुक्त करने की अग्नि हृदय में जलाओ, इसके लिए काम शुरू हुआ। पहला परिणाम निकला और एक फरवरी 1986 को यहां के जिला जज ने ताले खोलने का आर्डर कर दिया। इसके बाद उन्होंने पूरी न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी दी। 9 नवंबर 2019 को न्यायालय ने निर्णय दिया कि पूरा प्लॉट राम लला को दे दिया जाए। 5 फरवरी 2020 को न्यायालय के निर्देश पर केंद्र सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम से ट्रस्ट बनाया। ट्रस्ट ने एक हजार साल और इससे अधिक मजबूती से रहने वाले मंदिर की परिकल्पना की। विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों से चर्चा की गई।



इसके बाद जमीन के नीचे 14 फिट मोटी ग्रेनाइट की लेंटर डाली गई। इसके पूर्व 14 मीटर गहराई तक मिट्टी हटा कर कंक्रीट मिक्सर तैयार कर बिछाया गया। इस मंदिर के परकोटे में भगवान राम के जीवन प्रसंगों के भित्तिचित्र लगाए गए। इसमें जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक भगवान राम का जीवन समझ में आ जाएगा। मंदिर परिसर में एक यात्री को मिलने वाली आम सुविधा का ध्यान रखा गया है। 



यहां पर 10 एकड़ में एक पंचवटी का निर्माण हो रहा है। अभी प्रथम तल पर जाने के लिए 40 सीढ़ियां चढ़नी होंगी, लिफ्ट लग गई है पर चालू नहीं हुई है। कार्यक्रम में क्लब के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल जैन, कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रवीण कटियार, डॉ. शरद दमेले, डॉ. पंकज गुलाटी आदि ने आयोजन में सहयोग किया। संचालन शरद मेहरोत्रा ने किया।

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