उत्तर प्रदेश कैडर के 6 दिग्गज IAS अधिकारियों को केंद्र सरकार में सचिव पद के लिए इम्पैनल किया गया है। जानें संजय प्रसाद और अन्य अधिकारियों के नाम और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की पूरी प्रक्रिया।
Big News : यूपी के IAS संजय प्रसाद समेत 6 वरिष्ठ अफसर जाएंगे केंद्र, योगी सरकार देगी NOC
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। योगी सरकार के भरोसेमंद और तेजतर्रार 6 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को भारत सरकार में सचिव (Secretary) स्तर पर इम्पैनल (Empanelled) किया गया है। केंद्रीय नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग (DoPT) द्वारा जारी इस सूची के बाद अब इन अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
इन 6 अधिकारियों के नाम शामिल
केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई सूची में उत्तर प्रदेश कैडर के उन अधिकारियों को जगह मिली है, जिनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव और बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड है। सूची में शामिल नामों में संजय प्रसाद, मृत्युंजय कुमार नारायण, संतोष कुमार यादव, आलोक कुमार (प्रथम), लीना जौहरी और भुवनेश कुमार हैं।
क्या होता है 'इम्पैनलमेंट' और अगला कदम
सचिव स्तर पर इम्पैनल होने का अर्थ है कि भारत सरकार ने इन अधिकारियों को केंद्र में सचिव या उसके समकक्ष उच्च पदों पर नियुक्ति के लिए उपयुक्त पाया है।
नियुक्ति की प्रक्रिया
- DoPT की सूची : सबसे पहले कार्मिक विभाग योग्यता के आधार पर सूची तैयार करता है।
- NOC की अनिवार्यता : इम्पैनलमेंट के बाद भारत सरकार इन अफसरों की पोस्टिंग से पहले उत्तर प्रदेश (राज्य सरकार) से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मांगती है।
- अंतिम पोस्टिंग : योगी सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद, केंद्र सरकार की आवश्यकतानुसार इन्हें विभिन्न मंत्रालयों में सचिव के रूप में तैनात किया जाएगा।
यूपी कैडर के लिए बड़ी उपलब्धि
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ 6 वरिष्ठ अधिकारियों का सचिव स्तर पर इम्पैनल होना उत्तर प्रदेश कैडर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इन अधिकारियों ने यूपी में कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब केंद्रीय स्तर पर इनकी भागीदारी से प्रदेश और केंद्र के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु : यह तबादले और इम्पैनलमेंट प्रक्रिया शनिवार को संपन्न हुई, जिसके बाद अब जल्द ही इनके मंत्रालयों के आवंटन की सूचना भी जारी हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के इन 6 वरिष्ठ IAS अधिकारियों का प्रशासनिक सफर प्रभावशाली रहा है। इनमें से प्रत्येक अधिकारी ने राज्य के विकास और शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इन अधिकारियों के पिछले प्रमुख विभागों और उनके द्वारा किए गए मुख्य कार्यों का विवरण दिया गया है।
इन वरिष्ठ IAS अधिकारियों का प्रोफाइल व उपलब्धियां
संजय प्रसाद : प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री), सूचना, गृह एवं सतर्कता विभाग : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद अफसरों में शुमार। गृह विभाग में रहते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और सूचना विभाग में सरकार की छवि को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका।
मृत्युंजय कुमार नारायण : सचिव (मुख्यमंत्री), ऊर्जा विभाग, रजिस्ट्रार जनरल (भारत सरकार) : बिजली सुधारों व सीएम कार्यालय के समन्वय में कुशल। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत के महापंजीयक (Registrar General) के रूप में जनगणना कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं।
संतोष कुमार यादव : सचिव (औद्योगिक विकास), नोएडा/ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण : औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार में विशेषज्ञता। वर्तमान में NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अध्यक्ष के रूप में देश भर के हाईवे नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं।
आलोक कुमार (प्रथम) प्रमुख सचिव (ऊर्जा), चिकित्सा शिक्षा विभाग : उत्तर प्रदेश में बिजली संकट के समाधान और सौर ऊर्जा नीति को लागू करने में अहम योगदान। चिकित्सा शिक्षा में सुधार व नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में सक्रिय रहे।
लीना जौहरी : प्रमुख सचिव (आयुष, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन) : महिला एवं बाल विकास और राजस्व प्रशासन में सुधार के लिए जानी जाती हैं। शासन में पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने में इनका विशेष योगदान रहा है।
भुवनेश कुमार : प्रमुख सचिव (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम - MSME), दुग्ध विकास : यूपी की 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) योजना को जमीन पर उतारने और निवेश को धरातल पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन अधिकारियों के केंद्र में जाने पर पड़ेगा असर
केंद्रीय योजनाओं में गति : चूंकि ये अधिकारी राज्य की कार्यप्रणाली को गहराई से समझते हैं, केंद्र में इनकी नियुक्ति से 'डबल इंजन' की सरकार के समन्वय में और अधिक मजबूती आएगी।
अनुभव का लाभ : संजय प्रसाद और भुवनेश कुमार जैसे अधिकारियों के पास बड़े विभागों को संभालने का अनुभव है, जिसका लाभ भारत सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालयों (जैसे गृह, वाणिज्य या ऊर्जा) को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व : दिल्ली के शक्ति गलियारों (Lutyens' Delhi) में यूपी कैडर के अधिकारियों की संख्या बढ़ने से राज्य से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से क्लियरेंस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

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