बाराबंकी में बिजली कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कड़ा एक्शन लिया है। XEN को हटाने के निर्देश, JE-SDO सस्पेंड और लाइनमैन को बर्खास्त कर भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया गया है।
बाराबंकी में भ्रष्टाचार पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का हंटर: XEN हटाए गए, JE और SDO सस्पेंड, लाइनमैन बर्खास्त
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, बाराबंकी
उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग में भ्रष्टाचार और मनमानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार को 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की। बाराबंकी जिले में बिजली कनेक्शन के नाम पर कथित अवैध वसूली और गलत स्टीमेट बनाने की शिकायतों को मंत्री ने खुद संज्ञान में लिया और तत्काल प्रभाव से लापरवाह अफसरों पर गाज गिरा दी।
किन पर हुई क्या कार्रवाई?
मंत्री एके शर्मा के निर्देशों के बाद बाराबंकी बिजली विभाग में खलबली मच गयी है। कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है।
एक्सईएन (XEN) घनश्याम त्रिपाठी : सदर नवाबगंज के अधिशाषी अभियंता को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के निर्देश दिए गए हैं और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एसडीओ (SDO) रवि वर्मा : कार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते इन्हें निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
जेई (JE) अभिनव श्रीवास्तव : जूनियर इंजीनियर को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश दिए गए हैं।
लाइनमैन मनीष वर्मा : संविदा पर तैनात लाइनमैन को सेवाओं से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया गया है।
क्यों लिया गया इतना कड़ा फैसला?
सूत्रों के अनुसार, बाराबंकी में नए बिजली कनेक्शन देने के नाम पर उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली की जा रही थी। विभाग के अधिकारियों द्वारा स्टीमेट को नियम विरुद्ध तरीके से बढ़ाकर बनाया जा रहा था ताकि उपभोक्ताओं पर दबाव बनाकर अवैध लाभ लिया जा सके। जब यह मामला ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के संज्ञान में आया, तो उन्होंने बिना देर किए विभागीय जांच के आधार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई सुनिश्चित की।
भ्रष्टाचार पर सीधा वार
ऊर्जा मंत्री ने इस कार्रवाई के जरिए पूरे प्रदेश के बिजली विभाग को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उपभोक्ताओं का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि कार्यशैली में सुधार लाएं, अन्यथा कठोर दंडात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
"बिजली विभाग में मनमानी और भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार होगा। उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता है और इसमें कोताही बरतने वाले अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे।"
प्रशासनिक हलकों में मची खलबली
बाराबंकी में एक साथ चार बड़े स्तर के कर्मियों पर हुई इस कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। यह कदम न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे आम जनता में सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

0 Comments
if you have any doubt,pl let me know