Bithoor Mahotsav में डिजिटल नाट्य 'कर्ण' ने दर्शकों को किया भावुक, कवि सम्मेलन में गूंजे ठहाके

बिठूर महोत्सव के दूसरे दिन श्रीराम कला केंद्र ने 'कर्ण' नाटक की मार्मिक प्रस्तुति दी। साथ ही दिनेश बावरा और शम्भु शिखर जैसे कवियों ने कवि सम्मेलन में समां बांधा। जानें विजेताओं के नाम।

बिठूर महोत्सव दूसरा दिन: कर्ण डिजिटल नाटक और भव्य कवि सम्मेलन की पूरी रिपोर्ट

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर 

ऐतिहासिक नगरी बिठूर में आयोजित 'बिठूर महोत्सव' का दूसरा दिन कला, वीरता और साहित्य के अनूठे संगम का गवाह बना। जहां एक ओर श्रीराम कला केंद्र की डिजिटल प्रस्तुति ने महाभारत के महानायक कर्ण की मार्मिक गाथा से आंखों में नमी ला दी, वहीं दूसरी ओर देश के नामचीन कवियों ने अपने हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।

मुख्य अतिथियों ने किया महोत्सव का शुभारंभ

महोत्सव के दूसरे दिन का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन और पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर मंडलायुक्त ने कहा कि बिठूर की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने में यह महोत्सव मील का पत्थर साबित हो रहा है।

बिना संवादों के जीवंत हुई 'कर्ण' की गाथा

शाम की सबसे आकर्षक प्रस्तुति श्रीराम कला केंद्र द्वारा प्रस्तुत 'कर्ण' नाट्य रही। 1 घंटे 10 मिनट की इस डिजिटल नाट्य प्रस्तुति की खासियत यह थी कि इसमें एक भी संवाद नहीं था।

कलाकार : कर्ण की भूमिका में टुल्लू मुर्मू और कुंती के रूप में रितुपर्णा दास ने अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रस्तुति : देह-भाषा (Body Language), प्रकाश व्यवस्था और संगीत के अद्भुत तालमेल से कर्ण के जन्म से लेकर मृत्यु तक के प्रसंगों को उकेरा गया।

सम्मान : सीडीओ दीक्षा जैन ने कलाकारों की तकनीकी कुशलता और जीवंत अभिनय के लिए उन्हें सम्मानित किया।

कवि सम्मेलन में बही हास्य और राष्ट्रभक्ति की बयार

रात्री सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन में 11 दिग्गज कवियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

शुभारंभ : प्रसिद्ध कवयित्री मणिका दुबे ने सरस्वती वंदना से काव्य संध्या का आगाज किया।

प्रमुख पंक्तियां : कवि संदेश तिवारी की पंक्तियों- "कोई मौसम नहीं हूं मैं कि अगर जो गुजर जाऊं, और जमाना भूल न पाए कोई ऐसा काम कर जाऊं" पर जमकर तालियां बजीं।

सहभागी कवि : दिनेश बावरा, प्रताप फौजदार, शम्भु शिखर, स्वयं श्रीवास्तव, राव अजातशत्रु, गौरव चौहान, हेमंत पाण्डेय और अजय अंजाम ने हास्य, व्यंग्य और वीर रस की कविताओं से समां बांध दिया।

दिनभर रही प्रतियोगिताओं की धूम: 'कानपुर गॉट्स टैलेंट'

सांस्कृतिक संध्या से पूर्व दिन में युवाओं के लिए विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन हुआ।

बैटल ऑफ बैंड्स : तरंग बैंड, सीएसजेएमयू टीम और रिदम ग्रुप जैसे बैंड्स ने अपनी धुनों पर युवाओं को थिरकाया।

चित्रकला प्रतियोगिता : रवि प्रताप सिंह (प्रथम), अमरजीत (द्वितीय) और प्रेम सिंह (तृतीय) स्थान पर रहे।

क्विज प्रतियोगिता : डॉ. वीरेन्द्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर के अश्विन और सम्राट सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

इस दौरान विधायक अभिजीत सिंह सांगा, एमएलसी अरुण पाठक और एसडीएम अनुभव सिंह सहित भारी संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा।

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