GSVM, Kanpur : महापौर बोलीं, ऐ डाक्टर! क्या इस गंदगी में अपनी बच्ची को रखोगी

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- मेडिकल छात्रा की मौत के बाद नगर निगम पर सफाई न कराने मेडिकल कालेज प्रशासन ने फोड़ा था ठीकरा

- महापौर के निरीक्षण के दौरान हास्टलों में गंदगी के लिए जिम्मेदार एक-दूसरे पर ही लगाने लगे आरोप-प्रत्यारोप 

अरुण कुमार 'टीटू', लखनऊ 

कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक चिकित्सा महाविद्यालय के कैंपस और हास्टलों में फैली गंदगी ने एक बिटिया की जान ले ली। हास्टलों में सफाई कराने की बात कह रही हो अंदर जाकर देखा है कितनी गंदगी में बच्चियां रह रही हैं।यहां की सफाई का हाल देख लिया। ऐ डाक्टर... क्या इस गंदगी में अपनी बच्ची को रखोगी। अपने काम न गिनाओ, अपना नाम बताओ।मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री से मिलकर यहां की कारगुराजरी बताएंगे।गुरुवार दाेपहर जीएसवीएम मेडिकल कालेज के गर्ल्स हास्टल के निरीक्षण के दौरान महापौर प्रमिला पांडेय ने यहां की पूर्व वार्डन और स्त्री एवं प्रसूित रोग विभागाध्यक्ष प्रो. नीना गुप्ता को आड़े हाथ लेते हुए तल्ख टिप्पणी की। 
मेडिकल कालेज कैंपस और हास्टलों में गंदगी, सीवर भराव और अव्यवस्थाओं की वजह से स्वाइन फ्लू व डेंगू फैलने से एक छात्रा की जान चली गई। फिर भी हालात जस के तस हैं। कालेज प्रशासन व्यवस्था दुरुस्त करने के बजाय नगर निगम पर ठीकरा फोड़ रहा है।ऐसे में गुरुवार को महापौर प्रमिला पांडेय सबसे पहले ब्वायज हास्टल (बीएच-वन) पहुंची।वहां गंदगी का अंबार था।टायलट और किचन का बुरा हाल था।हद है टायलट जैसे गंदे किचन में खाना बनता है, जिसे बच्चे खाने को मजबूर हैं।

महापौर के सामने ही जिम्मेदारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू होने पर उन्होंने सभी को फटकार लगाई।इस दौरान सफाई निरीक्षक शक्ति रावत एवं महेन्द्र यादव वहां से चले गए।महापौर ने उन्हें बुलाने का आदेश दिया।महापौर बीएच-टू को बाहर से देखा, ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अंदर सफाई नहीं कराई गई है।बीएच-टू से बढ़ते हुए बीएच-थ्री से बढ़ते हुए पीजी हास्टल के सामने से होते हुए पीछे की तरफ गईं, जहां सीवर के गंदे पानी में सूअर लोट रहे थे।

गंदगी के लिए परिसर प्रभारी व वार्डन जिम्मेदार

महापौर वहां से जैसे ही लौटीं तब तक दोनों सफाई निरीक्षक महेंद्र यादव और शक्ति रावत आते हुए दिखाई पड़े।सफाई निरीक्षण से परिसर व हास्टल में फैली गंदगी के लिए सवाल किया। इस पर उसने कहा कि इसके लिए परिसर प्रभारी और हास्टलों के वार्डन जिम्मेदार हैं।इस पर प्राक्टर प्राे. यशवंत राव ने ऐतराज जताया।इस दौरान एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।इस बीच सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति व सत्यापन पर भी कराने की बात कही। 

परिसर प्रभारी की लैब में लगे हैं कर्मचारी


इस दौरान महापौर को बताया गया कि मेडिकल कालेज के परिसर प्रभारी प्रो. आनंद नारायण सिंह की लखनऊ के गोमती नगर में लैब चल रही है। यहां के 10 कर्मचारियों और नान पीजी डाक्टर को वहां लगा रखा है।उनकी उपस्थिति यहां बनती है और काम वहां करते हैं। महापौर ने इसकी शिकायत भी मुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री से करने की बात कही। महापौर ने पूछा कि किन-किन डाक्टरों के घर में कर्मचारी लगे हुए हैं, उसकी भी जानकारी दीजिए।

सफाई कर्मचारियों की परेड कराई, 11 ही मिले
महापौर ने सफाई निरीक्षण से पूछा कि कितने सफाईकर्मी हैं। उन्होंने बताया कि 22 स्थायी कर्मचारी हैं।महापौर ने सभी की परेड करा दी, जिसमें 11 ही उपस्थित मिले।उसमें से भी 11 में से छह सफाईकर्मी दूसरे नाम से पाए गए।नियमित कर्मचारियों की जगह पर दैनिक वेतनभोगी 12 कर्मचारी लगे हुए थे। इसके अलावा 11 कर्मचारियों के बारे में सही जानकारी नहीं दी जा सकी। 

परिसर में बना लीं अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ी

मेडिकल कालेज परिसर में अवैध कब्जे भी हैं।परिसर में 2500 झुग्गी और झोपड़ी हैं, जो गंदगी फैलाते हैं।महापौर को बताया गया कि मेडिकल कालेज के जूनियर इंजीनियर विद्युत व उनके कर्मचारी इन झोपडियों में बिजली-पानी उपलब्ध कराते हैं।इसके अलावा बड़ी संख्या में वरिष्ठ डाक्टरों व कर्मचारियों ने सरकारी आवास में जानवर पाल रखा है।कई चिकित्सक व कर्मचारी कुत्ते भी पाले हुए हैं।

गलतबयानी कर रहा मेडिकल कालेज प्रशासन 

सालिड वेस्ट मैनेजमेन्ट रूल्स-2016 के तहत नगर निगम किसी संस्था के परिसर में सफाई के लिए बाध्य नहीं है।मेडिकल कालेज व अन्य शौक्षिक संस्थाओं को इसके लिए शासन से अनुदान भी मिलता है।मेडिकल कालेज दो सफाई निरीक्षक व परिसर की सफाई के लिए 135 सफाईकर्मी हैं।फिर भी गलतबयानी कर रहा है। परिसर से कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम से अनुबन्धित मेसर्स जेटीएनप्रा सर्विसेज का पांच लाख रुपये भुगतान लंबे समय से नहीं किया है।बावजूद इसके नगर निगम को जिम्मेदार ठहराना नियम विरुद्ध है। 


निरीक्षण के दौरान यह रहे मौजूद 


महापौर के साथ प्राक्टर प्रो. यशवंत राव, असिस्टेंट वार्डन प्रो. लुबना खान, डा. पविका पाल, बीएच-वन के वार्डन प्रो. आनंद कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अजय कुमार, डा. चन्द्रशेखर एवं डा. अमित सिंह मौजूद रहे।

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