UP Assembly Election : इस विधानसभा क्षेत्र की जनता मानती है यहां लिखी गई है विकास की इबारत

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प्रतापगढ़ के पट्टी विधानसभा से फिर से चुनावी समर में भाग्य आजमा रहे मोती सिंह


यहां की जनता ही अपने जन प्रतिनिधि की विकासशील नीति के पढ़ रही कसीदे

ब्यूरो प्रमुख विनय प्रताप सिंह के साथ बातचीत करते मोती सिंह।



विनय प्रताप सिंह, प्रतापगढ़


उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही प्रदेश में सियासी उठापटक जोरों पर हैं। चुनावी समर में किस्मत आजमाने उतरे प्रत्याशी चुनावी वादों की छड़ियां लगाकर जनता को मोहने में जुटे हैं। ऐसे में प्रारब्ध न्यूज की टीम ने ब्यूरो प्रमुख के साथ सभी विधानसभाओं में जाकर जनप्रतिनिधियों की पड़ताल शुरू कर दी है। खासकर उसमें वर्तमान विधायकों के क्षेत्र शामिल किए गए है। इसमें यह जानने की कोशिश है कि पूर्व में रह चुके विधायकों के कार्यों को जनता कितने नंबर देती है। इसी कड़ी में टीम प्रतापगढ़ के पट्टी विधानसभा पहुंची, जहां से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। उन्हें क्षेत्र में विकास पुरुष का तमगा मिला हुआ है। जब विकास पुरुष के तमगे की पड़ताल की तो सामने आया कि यह कागजी और हवाई बातें नहीं, बल्कि सौ फीसद सच साबित हुआ।


जनता के बीच पहुंचे मोती सिंह से बातचीत करती प्रारब्ध न्यूज की टीम। साथ में ब्यूरो प्रमुख विनय प्रताप सिंह।


हमारी टीम ने इसका पता लगाने के लिए क्षेत्र के विकास को अपनी आंखों से देखा और दूसरा जनता के मुंह से हकीकत जानने के लिए जमीनी हकीकत भी जानने का प्रयास किया। इसके पीछे की मुख्य वजह यह रही कि चुनाव के समय जनता बिना किसी से डरे आपनी बात बेबाकी से सामने रखती है। उसके आधार पर आकलन करने के बाद ही मताधिकर का प्रयोग करती है।


पट्टी विधानसभा के विभिन्न ब्लॉक, पंचायतों व गांवों का हमने दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान देखने को मिला कि जहां उत्तर प्रदेश में जातिगत समीकरण हावी हैं। वहीं, प्रतापगढ़ के पट्टी में एक ही समीकरण है राजेंद्र प्रताप सिंह। क्षेत्र के लोग जाति-धर्म से ऊपर उठकर उनकी तारीफ करते नहीं थकते हैं। उनके मुंह से अनायास ही यह निकल जाता है कि इस बार फिर से मोती सिंह ही सब पर भारी हैं। 



बदलती गई प्रतिनिधित्व की भूमिका



मोती सिंह ब्लाक प्रमुख, एमएलसी और चौथी बार पट्टी का प्रतिनिधित्व विधायक के रुप में कर रहे हैं। शायद चार बार से मिलने वाला प्रतिनिधित्व उनकी लोकप्रियता बयां करने के लिए काफी है। जहां लोगों को अपने विधानसभा के विधायकों का नाम नहीं याद होता, वहीं, प्रतापगढ़ जिले के ज्यादातर विधानसभा में लोग मोती सिंह को जानते हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र का विधायक ना होते हुए भी उन्होंने हमारे क्षेत्र को बहुत सी सौगातें दी हैं। भले ही उनकी विविध भूमिकाएं रहीं, लेकिन उद्देश्य क्षेत्र का विकास ही रहा।



मोती सिंह जैसे प्रतिनिधि की चाहत


 

पट्टी विधानसभा क्षेत्र से बाहर की जनता का कहना था कि हमें अफसोस है कि हमारे क्षेत्र के विधायक मोती सिंह नहीं हैं। जानकर हैरानी तब हुई जब यह पता चला कि लोग अपने विधानसभा को छोड़कर पट्टी विधानसभा में मोती सिंह के लिए आए थे। उसमें ढकवा, मंगरौरा, बेलखरनाथ, भैरोपुर, नारायणपुर, रामपुर, भंवरिया, बेल्हा वारी कला, दीवानगंज, यादव बस्ती, राजा बाजार, मकरा बाजार गजरिया बाजार, सिकरी का कानपुर, तेलियानी सांगा पट्टी, हरि का पुरवा और चोरी चौराहा समेत कई क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान बातचीत में लोग उल्टा ही सवालिया लहजे में पूछते हैं कि आप बताइए कौन से विधानसभा है, जहां 33 मिनी स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। पत्रकारों के लिए पत्रकार भवन, प्राथमिक चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराई है। गरीबों की पेंशन, मुफ्त राशन आदि सुलभता से मिल रहा है। 87 गांव में मिनी हाई मास्ट लाइट लगाई गई है। सड़कों का मरम्मत कार्य कराया है। बेलखरनाथ धाम का सुंदरीकरण कार्य भी कराया है।



जनसंपर्क में उम्र को मात देती फुर्ती



हमारी टीम यहीं नहीं रुकी उन सभी जगहों का जायजा करने पहुंच गई, जिन स्थानों का जिक्र जनता ने बातचीत में किया था। अब चौकी पट्टे के विकास और विकास पुरुष के हकीकत परखने निकले तो स्वाभाविक था उनके साथ जनसंपर्क में जाना। मोती सिंह एक दिन में 16 से 18 जनसंपर्क जनसभाएं करने के साथ डोर टू डोर कैंपेन भी करते जा रहे थे। कई दिनों के प्रवास के दौरान उनकी कुछ जनसभाओं को नजदीक से देखने का मौका मिला। वह छोटे-छोटे गांव का दौरा करते और जनता के बीच सुगमता से घुल मिल जा रहे थे। उनके कार्य अधूरे कराने के लिए संतुष्ट करते जा रहे थे। इसके बाद मोती सिंह अपने भाषण के दौरान कराए गए कार्यों को गिनाना नहीं चूक रहे थे। मोती सिंह ने उमापुर चिल्लावा, नईपुर, अमरगढ़ गोदल पट्टी, बैजलपुर सहित तमाम गांवों में जनसंपर्क किया। जनसंपर्क में जो विशेष बात दिखी वह थी, हर जगह सभी जातियों अपार जनसमर्थन। उनकी जनसभा के उपरांत मोती सिंह जनता के बीच जाते। उनकी परेशानी को दूर करते और बचे हुए काम को जल्द पूरा कराने का आश्वासन भी देते नज़र आए।


भाषणों में सभी का नाम लेकर बढ़ा रहे मान


मोदी-योगी व मोती सिंह के नारों की गूंज हर जनसभा में सुनाई पड़ रही थी। अपने संबोधन में बुजुर्ग, महिला व पुरुष सभी का नाम से लेकर उन सभी का मान बढ़ा रहे थे। हां एक दो जगह विरोध का सामना भी करना पड़ा। वहां विकास कार्यों को लेकर नहीं बल्कि कार्य पूरे ना होने पर शिकायत के सुर रहे। अपनी तसल्ली करने के लिए जनता से फिर से पूछा कि आप सब ने मोती सिंह को जो विकास पुरुष का तमगा दिया है उस पर अपनी मोहर लगाते हैं या नकारते हैं। इस पर जनता का जवाब था हां। 


फिलहाल अपनों के बीच गुज़र रहा समय


उसके बाद हमारी टीम भी मोती सिंह से बातचीत को निकल पड़ती है। मोती सिंह की जनसभा समाप्त होने के बाद जब हमने उनसे इंटरव्यू के लिए पूछा तो उन्होंने कहा कि सुबह से रात तक हमारा समय अपने लोगों के बीच में ही व्यतीत होता है। मतदान का समय नजदीक आ गया है। ऐसे में समय कहां, फिर भी आपकी बात है तो इसमें ही कुछ समय निकालते हैं। ऐसा करते हैं कि चलती गाड़ी में आप हमारे साथ बैठ जाएं और दूसरी जनसभा में पहुंचने तक साक्षात्कार पूरा कर लेते हैं। 

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