Development in Up : द्वितीय विश्व युद्ध के समय बनी ललितपुर हवाई पट्टी अब बनेगी एयरपोर्ट

  • मुख्यमंत्री से मिला ललितपुर एयरपोर्ट के प्रथम चरण को विकसित करने के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ


ललितपुर में बनी द्वितीय विश्व युद्ध के समय की हवाई पट्टी अब बनेगी एयरपोर्ट का विहंगम दृश्य।

अंग्रेजों ने द्वितीय विश्व युद्ध के समय पर देश के मध्य स्थित अति पिछड़े ललितपुर में हवाई पट्टी का निर्माण कराया था, लेकिन उसका कभी इस्तेमाल नहीं हो सका। कई बार विकसित करने का प्रयास हुआ, लेकिन योजना मूर्तरूप नहीं ले सकी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित ललितपुर हवाई पट्टी को एयरपोर्ट 
(Lalitpur Airportबनाने का फैसला किया है। उनसे ललितपुर एयरपोर्ट के प्रथम चरण को विकसित किए जाने के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन भी मिल गया है।


मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश में विश्वस्तरीय हवाई सेवाएं प्रदान करने के लिए सतत अग्रसर है। इसके तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत 14 हवाई अड्डों में तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। वहीं, बरेली और कुशीनगर हवाई अड्डे उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। दो माह में अलीगढ़, आजमगढ़, मेरठ, मुरादाबाद और चित्रकूट में एयरपोर्ट बन कर तैयार हो जाएंगे।


मुख्यमंत्री योगी की पहल पर ही ने बुंदेलखंड में झांसी व चित्रकूट और विंध्य क्षेत्र में सोनभद्र में एयरपोर्ट का विकास भी तेजी से चल रहा है। इन सभी जिलों में एयरपोर्ट बन जाने से इन क्षेत्रों में पर्यटन का तेजी से विकास होगा। वहीं, यह क्षेत्र देश-विदेश से हवाई सेवाओं के मानचित्र में सीधे जुड़ जाएंगे।



बुंदेलखंड क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। एक ओर बुंदेलखंड एक्सप्रेस का निर्माण कार्य चल रहा है। अब ललितपुर की हवाई पट्टी को विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने प्रयास शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र में हवाई सेवाएं प्रदान करने के लिए ललितपुर एयरपोर्ट (Lalitpur Airport) उपयोगी साबित होगा। इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश बॉर्डर के क्षेत्रों का विकास में भी सहायक होगा।

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