International News : 72 घंटे के अंदर दूसरा बड़ा हमला

  • फ्रांस में अज्ञात बंदूकधारी ने चर्च के पादरी को मारी गोली

प्रारब्ध न्यूज डेस्क



फ्रांस में हिंसा की एक और गंभीर घटना सामने आई है। लियॉन शहर चर्च के भीतर शनिवार को पादरी पर जानलेवा हमला हुआ है। ग्रीक आर्थोडॉक्स चर्च में पादरी को गोली मारकर हमलावर भाग निकला। घायल पादरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पेट में गोली लगने से पादरी की हालत गंभीर बनी हुई है। आसपास के इलाके में नाकाबंदी कर पुलिस हमलावर की तलाश कर रही है। फिलहाल हमले की वजह पता नहीं चल सकी है।


नीस में शुक्रवार को एक चर्च में तीन लोगों की बेरहमी से हत्या करने के 72 घंटे के बाद पादरी को गोली मारे जाने से तनाव बढ़ गया है। फ्रांस में पिछले दिनों एक पत्रिका में छपे पैगंबर के पुराने कार्टून कक्षा में दिखाने पर एक मुस्लिम युवक ने शिक्षक हत्या कर दी थी। इस घटना के विरोध में बाद फ्रांस में जगह जगह पैगंबर के कार्टून लगाए गए। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भी सख्त रुख अपनाते हुए मजहबी हिंसा करने वालों की आलोचना की।

मैक्रों के सख्त रुख पर कई मुस्लिम देशों में फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए। इस सबके बीच ट्यूनीशिया के एक युवक ने नीस के चर्च में दो महिलाओं समेत तीन लोगों की चाकू मार कर हत्या कर दी।


चर्च पर हमले के बाद फ्रांसीसी गृह मंत्री गेराल्ड डारमानिन ने कहा था कि देश में और आतंकी हमले हो सकते हैं। इसको देखते हुए पूरे देश में खासकर चर्चो और स्कूलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। इसके बावजूद पादरी पर हमला हो गया। आशंका है कि यह वारदात मजहबी हिंसा से जुड़ी हो सकती है।


हत्या में एक और गिरफ्तारी


नीस के चर्च में हुए आतंकी हमले के मामले में एक और गिरफ्तारी की गई है। हमलावर से मिलने के संदेह में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि 35 साल के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। वह नीस का रहने वाला है।

संदेह है कि उसने वारदात से एक दिन पहले ट्यूनीशियाई हमलावर से मुलाकात की थी। इससे पहले हमलावर से संपर्क करने के संदेह में 47 साल के एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। फ्रांस के आतंक रोधी अभियोजक जीन-फ्रेंकोइस रिचर्ड ने बताया था कि हमलावर गत 20 सितंबर को लैम्पेदुसा द्वीप के जरिये इटली में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह नौ अक्टूबर को पेरिस पहुंचा था। उसके पास दो मजहबी किताबें और दो मोबाइल फोन थे। हमले को अंजाम देने के लिए तीन चाकू लेकर चर्च पहुंचा था। वह करीब 30 मिनट तक चर्च में रहा।


सच जानना चाह रहा हमलावर का परिवार


नीस के चर्च में तीन लोगों की जान लेने वाला इब्राहिम ट्यूनीशिया के स्फैक्स शहर का रहने वाला है। उसके परिवार ने सच जानने के लिए वीडियो फुटेज देखने की मांग की है। उसकी मां ने कहा, 'हम यह सच जानना चाहते हैं कि मेरे बेटे ने आतंकी हमले को कैसे अंजाम दिया। मुझे मेरा बेटा चाहिए, जिंदा या मुर्दा।' जबकि उसके पिता और भाई ने कहा कि अगर उसने हमला किया है तो उसे कानून का सामना करना चाहिए।


चर्च में तीन दिन पहले तीन की हत्या


तीन दिन पहले यानी गुरुवार को दक्षिण फ्रांस के नीस शहर में कुछ लोगों पर चाकू से हमला किया गया था। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य जख्मी हो गए थे। मृत तीन लोगों में एक महिला भी थी, जिसका आइएसआइएस की तरह चाकू से सिर कलम किया गया था। यह हमला चर्च के बाहर किया गया है। नीस के मेयर ने इसे एक आतंकी हमला बताया था।


गृह मंत्री ने जताई थी आशंका


चर्च पर हमले के बाद फ्रांसीसी गृह मंत्री गेराल्ड डारमानिन ने कहा था कि देश में और आतंकी हमले हो सकते हैं। इसको देखते हुए पूरे देश में खासकर चर्चो और स्कूलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि फ्रांस ने इस्लामिक कट्टरता के खिलाफ निर्णायक जंग का एलान कर दिया है।


गुरुवार को चर्च में हुए हमले को लेकर ट्यूनीशिया के आतंक रोधी अभियोजक दफ्तर ने बताया कि ट्यूनीशियाई नागरिक की ओर से किए गए आतंकी हमले की जांच की जा रही है। फ्रांस में महज दो माह के अंदर नीस की चर्च में यह तीसरा हमला था। दो हफ्ते पहले राजधानी पेरिस में फ्रांसीसी शिक्षक सैमुअल पेटी का सिर कलम कर दिया गया था।


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