Big News : अमेठी में ग्राम प्रधान के पति को जिंदा जलाया

  • बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाने के दौरान हो गई मौत
  • पुलिस ने गांव के ही तीन आरोपियों को कर लिया है गिरफ्तार
  • पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया


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प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अमेठी


केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र के एक गांव में दलित प्रधान के पति को ज़िंदा जलाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने अस्पताल जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया।


प्रधान ने गांव के ही पांच लोगों पर पति को जिंदा जलाने का आरोप लगाया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने (UP Police) हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

अमेठी के बंदुहिया गांव की प्रधान छोटका केे पति अर्जुन गुरुवार शाम साढ़े छह बजे गांव के चौराहे पर चाय पीने गए थे। वहां से वह गायब हो गए। प्रधान छोटका का आरोप है कि गांव के कृष्ण कुमार तिवारी और उनके चार साथी उन्हें चौराहे से उठा ले गए और अपने घर के हाते में जिंदा जला दिया।

उनका आरोप है कि कृष्ण कुमार उनसे पैसे देने के लिए धमकाते थे। उनका कहना था कि प्रधान के पास काफी सरकारी पैसा आता है, उन्हें उसमें से कुछ हिस्सा उन्हें भी दिया जाए। जब उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसा कोई पैसा नहीं है, जिसमें उन्हें हिस्सा दे सकें। इस रंजिश में उन्होंने उन्हें जल दिया।


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अमेठी के एसपी दिनेश सिंह का कहना है कि पुलिस को रात करीब 12 बजे सूचना मिली कि प्रधानपति अर्जुन जली हालत में कृष्णा कुमार के अहाते में पड़े हैं।

पुलिस की मदद से फौरन स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया, वहां से उन्हें सुल्तानपुर ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां आज सुबह उन्हें वहां से बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।




अर्जुन के घर वालों ने जली हुई हालत में उनका बयान मोबाइल फ़ोन में रिकॉर्ड किया है। उसमें वह गांव के पांच लोगों के नाम ले रहे हैं, जिन्होंने उन्हें जलाया था। बयान में इन पांच लोगों में केके तिवारी, आशुतोष, राजेश, रवि और संतोष के नाम लिए गए।

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