आज का पंचांग

⛅ *दिनांक 18 अगस्त 2020*
⛅ *दिन - मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077 
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - वर्षा*
⛅ *मास - भाद्रपद 
⛅ *पक्ष - कृष्ण* 
⛅ *तिथि - चतुर्दशी सुबह 0 9: 27 तक तत्पश्चात अमावस्या*
⛅ *नक्षत्र - अश्लेशा 19 अगस्त प्रातः 04: 52 तक तत्पश्चात मधा*
⛅ *योग - वरीयान् रात्रि 0 2: 0 5 तक तत्पश्चात परिघ*
⛅ *राहुकाल - शाम 03: 0 0 से शाम 0 4: 30 तक* 
⛅ *सूर्योदय - 0 5: 34 
⛅ *सूर्यास्त - 18: 26* 
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - पीठोरी-दर्श-कुशग्राहिणी अमावस्या*
 💥 *विशेष - चतुर्दशी और अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।
🌷 *अमावस्या* 🌷
🙏🏻 *अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है  (विष्णु पुराण)*
🌷 *स्कन्दपुराण‬ के प्रभास खंड के अनुसार* 
*"अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते"*
🍲 *जो व्यक्ति ‪अमावस्या‬ को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।*
🌷 *समृद्धि बढ़ाने के लिए* 
🌙 *कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।*
🙏🏻 *दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें  , जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।*
🌷 *खेती के काम में ये सावधानी रहे* 🌷
🚜 *ज़मीन है अपनी... खेती काम करते हैं तो अमावस्या के दिन खेती का काम न करें .... न मजदूर से करवाएं | जप करें भगवत गीता का ७ वां अध्याय अमावस्या को पढ़ें ...और उस पाठ का पुण्य अपने पितृ को अर्पण करें ... सूर्य को अर्घ्य दें... और प्रार्थना करें " आज जो मैंने पाठ किया ...अमावस्या के दिन उसका पुण्य मेरे घर में जो गुजर गए हैं ...उनको उसका पुण्य मिल जाये | " तो उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पति बढ़ेगी |*

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