कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई व उसके साथी प्रशांत शुक्ला को आखिरकार पुलिस ने जेल भेज ही दिया। उस पर मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात विकास दुबे को बिकरू गांव में पुलिस पर हमले के लिए हथियार और कारतूस उपलब्ध कराने का आरोप है। घटना के बाद भागने के लिए वाहन मुहैया कराने का भी आरोप है। पुख्ता सबूत मिलने पर ही पुलिस ने जय को गिरफ्तार किया है।
इन दोनों को भी पुलिस ने बिकरू कांड में नामजद किया है। इन पर धारा 120बी और आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि पुलिस ने जय को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बाद में कोई वारदात में संलिप्तता नहीं होने की बात कहते हुए रविवार शाम उसे पुलिस घर छोड़ आई थी। इस पर पुलिस की किरकिरी होने लगी। लखनऊ बैठे कुछ पुलिस अधिकारियों ने ट्वीट कर पुलिस पर किसी के दबाव में काम करने का आरोप लगाया था। चौतरफा दबाव पड़ने के बाद देर रात कानपुर पुलिस जय बाजपेई को दोबारा हिरासत में लिया। सोमवार को पुलिस ने विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई और उसके साथी प्रशांत को कानपुर देहात के माती कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया है। उधर, जय बाजपेई अपने को निर्दोष बता रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने उसे फंसाया है। उसने बताया कि विकास दुबे से उसका सिर्फ 11लाख 80 हजार रुपये का लेन-देन था। पड़ोसी होने के नाते उसे उधार दिया था।

2 Comments
देर से ही सही, कुछ तो हुआ।
ReplyDeleteThanks for comment
ReplyDeleteif you have any doubt,pl let me know