Progress 50:यूपी के 6 शहर बनेंगे वैश्विक नगर, कानपुर को शामिल करने की मांग

प्रारब्ध न्यूज़ ब्यूरो, लखनऊ 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर देश के 50 प्रमुख शहरों को वैश्विक नगरों की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में ‘प्रगति 50’ पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश के छह प्रमुख शहरों—आगरा, अयोध्या, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और वाराणसी—को शामिल किया गया है।

इसी संबंध में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में राज्यों के नगर विकास मंत्रियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने हिस्सा लिया।

10 वर्ष और 50 एपिसोड पूरे होने पर ‘प्रगति 50’

‘प्रगति’ यानी Pro-Active Governance and Timely Implementation केंद्र और राज्य सरकारों की महत्वपूर्ण परियोजनाओं तथा जनहित से जुड़े विषयों की उच्चस्तरीय समीक्षा और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विकसित की गई व्यवस्था है।

वर्ष 2015 में तत्कालीन प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी और वर्तमान उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की भूमिका इस व्यवस्था को विकसित करने में महत्वपूर्ण रही थी।

‘प्रगति’ पहल के 10 वर्ष और 50 एपिसोड पूरे होने के अवसर पर अब देश के 50 प्रमुख शहरों को चिन्हित कर उन्हें आधुनिक एवं वैश्विक शहरों के अनुरूप विकसित करने की योजना पर जोर दिया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के 6 शहरों का चयन

‘प्रगति 50’ के तहत उत्तर प्रदेश के छह शहरों को शामिल किया गया है। इनमें-
आगरा
अयोध्या
लखनऊ
मथुरा-वृंदावन
प्रयागराज
वाराणसी

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक में कहा कि इन शहरों में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रयास करेंगे।

कानपुर को भी शामिल करने की मांग
बैठक में मंत्री ए.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर कानपुर को भी ‘प्रगति 50’ पहल में शामिल करने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि कानपुर प्रदेश का महत्वपूर्ण औद्योगिक और ऐतिहासिक शहर है। इसे भी वैश्विक शहर की तर्ज पर विकसित करने के लिए ‘प्रगति 50’ में शामिल किया जाना उपयोगी होगा।

24 घंटे मैकेनाइज्ड सफाई से लेकर सोलर ऊर्जा तक

‘प्रगति 50’ के तहत चयनित शहरों में आधुनिक नगरीय सुविधाओं को बढ़ावा देने की योजना है। इनमें प्रमुख रूप से-
1-24x7 मैकेनाइज्ड सफाई
2-वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
3-इस्तेमाल किए गए पानी का बेहतर प्रबंधन
4-हरित परिवहन
5-सोलर ऊर्जा को बढ़ावा
6-आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विस्तार
जैसे क्षेत्रों पर काम किया जाएगा।

इसका उद्देश्य शहरों को अधिक स्वच्छ, सुविधाजनक और सतत विकास के अनुरूप बनाना है।

धार्मिक और पर्यटन शहरों को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश के चयनित शहरों में अयोध्या, वाराणसी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक शहर शामिल हैं। वहीं आगरा और लखनऊ पर्यटन, प्रशासन, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

इन शहरों में आधुनिक नागरिक सुविधाओं और बेहतर स्वच्छता व्यवस्था के विकास से स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

दूसरे शहरों के लिए बन सकता है मॉडल
मंत्री ए.के. शर्मा के अनुसार ‘प्रगति 50’ के तहत विकसित की जाने वाली आधुनिक व्यवस्थाओं को भविष्य में देश के अन्य नगरीय निकायों में भी मॉडल के रूप में लागू किया जा सकता है।
यदि यह पहल प्रभावी रूप से लागू होती है, तो इससे शहरी स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, जल प्रबंधन, हरित परिवहन और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में नए मानक विकसित करने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

निष्कर्ष

‘प्रगति 50’ के तहत उत्तर प्रदेश के छह शहरों का चयन राज्य के शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल है। अब इन शहरों में आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छता और सतत विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी। वहीं कानपुर को भी इस पहल में शामिल करने की मांग के बाद राज्य के एक और बड़े औद्योगिक शहर को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की संभावना पर चर्चा तेज हो सकती है।

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