प्रारब्ध न्यूज़ ब्यूरो,लखनऊ
देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी क्रम में आज लखनऊ में स्टेट बैंक संगठन के पदाधिकारियों ने रक्षा मंत्री और स्थानीय सांसद माननीय राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि श्री दिवाकर त्रिपाठी से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
अगर कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं।
इन प्रमुख मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई
संगठन के पदाधिकारियों—आशुतोष वर्मा, बृजेश तिवारी, शिव कुमार सिंह और तारकेश्वर चौहान—ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार और बैंक प्रबंधन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- स्टाफ की कमी दूर हो: बैंक में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति की जाए।
- भर्तियां की जाएं: संदेशवाहक (Messengers) और सशस्त्र गार्डों (Armed Guards) के खाली पदों को तुरंत भरा जाए।
- आउटसोर्सिंग पर रोक: स्थाई पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती करने की प्रक्रिया को तुरंत बंद किया जाए।
- मेडिकल और पेंशन में सुधार: मेडिकल रीइंबर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) योजना को बेहतर बनाया जाए और पेंशन संबंधी विसंगतियों का जल्द समाधान हो।
विरोध प्रदर्शन का पूरा शेड्यूल (19 मई से 26 मई)
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी के अनुसार, अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। पूरा शेड्यूल इस प्रकार है।
19 मई - वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपना
20 मई - एक्स(ट्विटर) पर देशव्यापी डिजिटल अभियान
21मई- प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजना
22 मई- राष्ट्रीय स्तर पर सभी केन्द्रों पर प्रदर्शन एवं कैंडल मार्च
25 एवं 26 मई - दो दिवसीय पूर्ण देशव्यापी हड़ताल ( यदि मांग पूरी नहीं हुई)
बड़ी चेतावनी: बैंक कर्मचारियों का साफ कहना है कि कैंडल मार्च और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के बाद भी अगर सरकार और प्रबंधन ने उनकी मांगों को अनसुना किया, तो 25 और 26 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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