दिनांक : 17 मई 2026
दिन : रविवार
विक्रम संवत् : 2083
अयन : उत्तरायण
- हिंदू धर्म में उत्तरायण को देवताओं का दिन माना जाता है और इसे शुभ कार्यों, जप-तप और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत सकारात्मक माना जाता है।
सौर ऋतु : वसंत
मास : ज्येष्ठ (अधिक)
पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि : प्रतिपदा रात्री 09:40 तक तत्पश्चात द्वितीया
नक्षत्र : कृत्तिका दोपहर 02:32 तक तत्पश्चात रोहिणी
योग : शोभन प्रातः 06:15 तक तत्पश्चात अतिगंड
करण : किंस्तुघ्न दोपहर 11:36 तक तत्पश्चात बव
सूर्योदय : सुबह 05:22 पर
सूर्यास्त : शाम 06:48 बजे
दिशा शूल : पश्चिम दिशा में
शुभ महूर्त-
बृह्म मुहूर्त - प्रातः 04:29 से प्रातः 05:15 तक
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 11:38 से 12:32 तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:44 से रात्रि 12:27 तक
अशुभ मुहूर्त-
राहुकाल - शाम 05:08 से 06:49 तक
यमगण्ड - दोपहर 01.58 PM से 03.36 PM तक
सूर्य राशि : सूर्य वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे।
चंद्रमा राशि : वृषभ राशि (Cancer)
बृहस्पति राशि : मिथुन राशि (Gemini)
भद्रा : आज भद्रा प्रभाव से मुक्त
आचार्य आदित्य वशिष्ठ |
वाट्सएप नं.:-7309053333
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