NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का हल्लाबोल: 'भाजपा सरकार अब पेपर लीक उद्योग बन चुकी है'

प्रारब्ध न्यूज़ ब्यूरो,​लखनऊ।

देश के लाखों मेडिकल एस्पिरेंट्स के भविष्य पर एक बार फिर काले बादल मंडरा रहे हैं। नीट (NEET) परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक मामले ने अब देश भर में राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (नेहरू भवन) में आज उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने एक संयुक्त प्रेसवार्ता कर केंद्र की भाजपा सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखे तीर चलाए हैं।


​कांग्रेस नेताओं ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार और NTA की कथित मिलीभगत के कारण देश के करोड़ों मेहनतकश छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।


​'10 साल में 80 से ज्यादा पेपर लीक': युवा कांग्रेस का बड़ा हमला


​प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस (मध्य जोन) के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री अंकित तिवारी ने उत्तर प्रदेश की 'डबल इंजन' सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा:

"भाजपा की जो सरकार खुद को डबल इंजन कहती थी, वह अब असल में 'पेपर लीक उद्योग' बन चुकी है। पिछले 10 वर्षों में देश में 80 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। चाहे वह यूपी पुलिस भर्ती हो, लेखपाल भर्ती हो, या फिर अब NEET परीक्षा—हर बार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।"


​उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की भ्रष्ट व्यवस्था के कारण 'पेपर माफियाओं' को खुला संरक्षण मिला हुआ है, जिससे देश का युवा दिन-रात मेहनत करने के बाद भी ठगा हुआ महसूस कर रहा है।


​कांग्रेस की मुख्य मांगें: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और NTA पर बैन


​भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) मध्य जोन के अध्यक्ष श्री अनस रहमान ने NTA की साख पर बड़ा सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि NTA पूरी तरह से अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है और केंद्र सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जवाब देने से भाग रही है।

कांग्रेस ने सरकार के सामने ये प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस नाकामी की जिम्मेदारी लें और तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
  • NTA पर लगे बैन: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल प्रभाव से बैन किया जाए।
  • नई एजेंसी का गठन: परीक्षाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक नई, निष्पक्ष एजेंसी का गठन हो।
  • उच्च स्तरीय जांच: पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

​कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे इस लड़ाई को सिर्फ कमरों और प्रेसवार्ताओं तक सीमित नहीं रखेंगे। छात्र और युवा हितों के लिए कांग्रेस सड़क पर उतरने को तैयार है।


​रणनीति का खुलासा करते हुए वक्ताओं ने बताया कि युवा कांग्रेस और NSUI के संयुक्त तत्वाधान में कल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। यदि सरकार ने छात्रों को न्याय नहीं दिया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन पूरे देश में एक वृहद रूप लेगा।


​बड़ा घटनाक्रम: समाजवादी छात्र सभा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए श्रेयस राय


​इस प्रेसवार्ता के बाद लखनऊ की राजनीति में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला। समाजवादी छात्र सभा के नगर अध्यक्ष रहे श्री श्रेयस राय ने अपने तमाम समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी को अलविदा कह दिया। NSUI के प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।


प्रेसवार्ता में ये प्रमुख चेहरे रहे मौजूद:


इस महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान नेशनल कोऑर्डिनेटर प्रिंस प्रकाश, प्रदेश जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव, NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष अहमद रजा खान, प्रदेश सचिव मो0 नईम खान, गौरव शुक्ला, स्वप्निल चौरसिया, नीरज सिंह और दीपक पाण्डेय सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


​बार-बार होने वाले पेपर लीक केवल एक परीक्षा की नाकामी नहीं हैं, बल्कि यह देश की पूरी शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के खोखलेपन को दर्शाते हैं। जब देश का युवा सालों-साल कमरे बंद करके, भूखा रहकर तैयारी करता है और अंत में उसे पता चलता है कि पेपर पहले ही बिक चुका था, तो वह सिर्फ एक परीक्षा नहीं हारता, बल्कि व्यवस्था से उसका भरोसा उठ जाता है। सरकार को इस पर राजनीति से ऊपर उठकर तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।

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