प्रारब्ध न्यूज़ ब्यूरो, लखनऊ
यदि आपका भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में कोई जरूरी काम है, तो उसे 25 मई से पहले ही निपटा लें। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन के आह्वान पर बैंक कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुके हैं। आज लखनऊ की मुख्य शाखा के बाहर बैंक कर्मचारियों ने मंडल अध्यक्ष अजय पांडे और महामंत्री डॉ. डी.के. सिंह के नेतृत्व में एक विशाल और जोरदार प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों का साफ कहना है कि केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन का अड़ियल रवैया उन्हें हड़ताल की तरफ धकेल रहा है।
क्यों हो रहा है विरोध? वार्ता क्यों रही बेअसर?
फेडरेशन के महामंत्री डॉ. डी.के. सिंह ने बताया कि बीते 12 मई को डिप्टी सीएलसी (Deputy CLC), उच्च प्रबंधन और फेडरेशन के पदाधिकारियों के बीच एक अहम वार्ता हुई थी, जो पूरी तरह बेनतीजा रही। प्रबंधन कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
- नई भर्तियां: बैंक में संदेशवाहकों (Messengers), सशस्त्र गार्ड्स और अन्य पदों पर पर्याप्त संख्या में स्थाई भर्तियां की जाएं।
- आउटसोर्सिंग पर रोक: बैंकिंग के स्थाई और संवेदनशील कार्यों में आउटसोर्सिंग की प्रथा को तुरंत बंद किया जाए।
- NPS में विकल्प: एनपीएस (NPS) कर्मचारियों को अपना पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प दिया जाए।
- तबादला नीति में सुधार: साल 2019 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों के अंतर-मंडलीय स्थानांतरण (Inter-Circle Transfer) को मंजूरी मिले।
- अन्य मांगें: कैरियर प्रगति योजना (Career Progression Scheme) की समीक्षा हो और चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना (Medical Reimbursement) में सुधार किया जाए।
- 14 मई: देश भर के कर्मचारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक बड़ा डिजिटल अभियान चलाया।
- 16 मई : विरोध जताने के लिए देश भर के सभी पदाधिकारी और कर्मचारी ने काले वस्त्र (Black Dress) पहनकर बैंक का काम किया।
"केंद्र सरकार और उच्च प्रबंधन हमारी मांगें पूरी न करके हमें जानबूझकर हड़ताल की ओर धकेल रहे हैं। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो 25 और 26 मई को देशव्यापी हड़ताल होगी और इससे आम जनता को होने वाली परेशानी की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।"
— डॉ. डी.के. सिंह, महामंत्री
विरोध का अनोखा तरीका: कर्मचारियों ने काले कपड़ों में काम किया
आंदोलन सिर्फ धरने तक सीमित नहीं है, इसे डिजिटल और जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर ले जाया जा रहा है। फेडरेशन के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि आंदोलन के तहत रणनीति तैयार कर ली गई है:
दिग्गजों ने भरी हुंकार
लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन में भारी संख्या में बैंक कर्मियों ने हिस्सा लिया। धरने को संगठन के उपाध्यक्ष द्वय अवधेश सिंह व आर.पी. सिंह, उपमहामंत्री आशुतोष वर्मा, बृजेश कुमार तिवारी, शिव कुमार, एनसीबीई के उपमहामंत्री द्वय तारकेश्वर व आकाश शर्मा, सहायक महामंत्री द्वय अंकुर अग्रवाल व राकेश कुमार और क्षेत्रीय सचिव द्वय दीपेंद्र कुमार व सतीश शुक्ल सहित कई मुख्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया और एकजुटता का संकल्प लिया।
बैंक कर्मचारियों की ये मांगें सिर्फ उनके हक की नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए भी जरूरी हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने का सीधा असर ग्राहकों को मिलने वाली सर्विस पर पड़ता है। उम्मीद है कि सरकार और प्रबंधन 25 मई से पहले इस गतिरोध को सुलझा लेंगे, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
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