PM मोदी ने ₹36,230 करोड़ की लागत वाले गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। मेरठ से प्रयागराज का सफर अब 12 की जगह 6 घंटे में होगा। जानें क्या है खास।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, हरदोई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देते हुए हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे 'गंगा एक्सप्रेसवे' का भव्य उद्घाटन किया। यह एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राज्य के पश्चिमी हिस्से को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है।
एक्सप्रेसवे की मुख्य विशेषताएं और लाभ
लागत : इस विशाल परियोजना को लगभग ₹36,230 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।
समय की बचत : गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय 10-12 घंटे से घटकर मात्र 6 घंटे रह जाने की उम्मीद है।
बेहतर कनेक्टिविटी : यह एक्सप्रेसवे न केवल व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटन और धार्मिक पर्यटन (प्रयागराज कुंभ आदि) के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।
लोकतंत्र के उत्सव पर PM मोदी का संबोधन
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने बंगाल में चल रहे दूसरे चरण के मतदान का भी जिक्र किया। उन्होंने जनता के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में भारी मतदान की खबरें आ रही हैं। लोग भयमुक्त होकर, निर्भीक वातावरण में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। यह देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है।
PM मोदी ने बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दशकों बाद ऐसा माहौल देखने को मिल रहा है जहाँ लोग बिना किसी डर के लंबी कतारों में खड़े होकर वोट डाल रहे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे: मुख्य तथ्य व लागत
लगभग ₹36,230 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं।
कुल लंबाई : 594 किलोमीटर।
कनेक्टिविटी : यह मेरठ (बिजौली गांव) से शुरू होकर प्रयागराज (जुदापुर डांडू गांव) तक जाता है।
समय की बचत : मेरठ से प्रयागराज के बीच का सफर, जिसमें पहले 10-12 घंटे लगते थे, अब घटकर केवल 6 घंटे रह जाएगा।
इन जिलों से होकर गुजरेगा : यह हापुड़, बुलन्दशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जैसे प्रमुख जिलों से होकर गुजरता है।
UP के विकास को मिलेगी नई रफ्तार (आर्थिक लाभ)
विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि एक इकोनॉमिक कॉरिडोर साबित होगा।
औद्योगिक विकास : एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करने की योजना है।
रोजगार के अवसर : निर्माण और भविष्य में होने वाले व्यापारिक गतिविधियों से स्थानीय युवाओं को हजारों की संख्या में रोजगार मिलेगा।
किसानों को लाभ : पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी के किसानों के लिए अपनी फसल को बड़ी मंडियों तक कम समय में पहुँचाना आसान होगा।


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