कानपुर में पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश किया है। 4 अस्पताल संचालक सहित 6 गिरफ्तार, 50 से अधिक अवैध ट्रांसप्लांट की आशंका। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के निर्देशन में की गई इस बड़ी कार्रवाई ने स्वास्थ्य जगत और शहर के निजी अस्पतालों के नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है।
मुख्य बातें
गिरफ्तारी : पुलिस ने अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अस्पताल संचालकों की भूमिका : पकड़े गए लोगों में 4 निजी अस्पतालों के संचालक शामिल हैं।
फरार आरोपी : रैकेट में शामिल 4 मुख्य डॉक्टर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
अनुमानित केस : जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक 40 से 50 अवैध ट्रांसप्लांट को अंजाम दिया है।
कैसे हुआ पूरी घटना का खुलासा
कानपुर पुलिस की सर्विलांस टीम और रावतपुर थाना पुलिस को लंबे समय से शहर में चल रहे अवैध मानव अंग तस्करी की सूचना मिल रही थी। डीसीपी और एसीपी के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई, जिसने कल्याणपुर और रावतपुर क्षेत्र में छापेमारी की।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, यह गिरोह गरीब और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनकी किडनी निकालता था और उसे ऊंचे दामों पर रसूखदार मरीजों को बेच देता था। इस प्रक्रिया में स्वास्थ्य नियमों और कानूनी प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई गईं।
पुलिस की कार्रवाई और आगामी कदम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक शहर तक सीमित मामला नहीं लग रहा है। पकड़े गए अस्पताल संचालकों से पूछताछ में कई बड़े नाम सामने आने की उम्मीद है।
"हम इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं। फरार 4 डॉक्टरों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।"
- रघुवीर लाल, पुलिस कमिश्नर, कानपुर।
निजी अस्पतालों पर गहराया शक
जांच में यह भी पाया गया है कि शहर के कई प्रतिष्ठित और छोटे निजी अस्पताल इस गोरखधंधे के लिए सुरक्षित ठिकाने बने हुए थे। पुलिस अब उन सभी 40-50 केसों की फाइलें खंगाल रही है, जिनका ट्रांसप्लांट संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ है।

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