CUK Convocation Kalaburagi : उपराष्ट्रपति से कुलपति के साथ मंच साझा न करने की अपील, विधायक बीआर पाटिल करेंगे बहिष्कार

कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में विवाद। विधायक बी.आर. पाटिल ने उपराष्ट्रपति से कुलपति के साथ मंच साझा न करने का आग्रह किया और भर्ती में अनियमितताओं के आरोप लगाए।

CUK Kalaburagi : कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में विवाद: विधायक बीआर पाटिल ने उपराष्ट्रपति को लिखा पत्र, कुलपति के साथ मंच साझा न करने की अपील

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कलबुर्गी

कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUK) का 10वां दीक्षांत समारोह विवादों के घेरे में आ गया है। आलंद के विधायक और राज्य नीति एवं योजना आयोग के उपाध्यक्ष बी.आर. पाटिल ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से एक औपचारिक अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) प्रो. बट्टू सत्यनारायण के साथ मंच साझा न करें।

प्रमुख आरोप और बहिष्कार के कारण

विधायक बीआर पाटिल ने बुधवार को होने वाले समारोह का पूर्ण बहिष्कार करने की घोषणा की है। उन्होंने इसके पीछे निम्नलिखित गंभीर कारण बताए हैं।

आपराधिक मामला और चार्जशीट : विधायक पाटिल के अनुसार, कुलपति प्रो. बट्टू सत्यनारायण के खिलाफ नरोणा पुलिस स्टेशन में एक गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है और उनके विरुद्ध चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने तर्क दिया कि संवैधानिक पद पर बैठे उपराष्ट्रपति का ऐसे व्यक्ति के साथ मंच साझा करना गरिमापूर्ण नहीं है।

भर्ती में 'भाषाई पक्षपात' और अनियमितता : विधायक ने आरोप लगाया कि कुलपति के कार्यकाल में हुई 100 से अधिक नियुक्तियों में कर्नाटक के योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की गई है। उन्होंने दावा किया कि नियमों का उल्लंघन कर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई।

अनुच्छेद 371(J) का उल्लंघन : आरोप है कि नियुक्तियों और प्रवेश प्रक्रिया में 'कल्याण कर्नाटक' क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए विशेष आरक्षण प्रावधानों (अनुच्छेद 371-जे) का पालन नहीं किया गया।

प्रोटोकॉल का उल्लंघन : श्री पाटिल ने कहा कि विश्वविद्यालय उनके विधानसभा क्षेत्र में आता है, फिर भी निमंत्रण पत्र में उनका और बीदर के सांसद सागर खंड्रे का नाम शामिल नहीं किया गया, जो शिष्टाचार और प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन है।

केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जांच की मांग

विधायक ने हाल ही में मुख्य सचिव शालिनी रजनीश द्वारा केंद्र सरकार को लिखे गए उस पत्र का भी हवाला दिया, जिसमें नियुक्तियों में हुई अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे क्षेत्रीय दिग्गजों को आमंत्रित न किए जाने पर भी आपत्ति जताई।

विश्वविद्यालय प्रशासन को किया कटघरे में खड़ा

जहाँ एक ओर दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति और राज्यपाल थावरचंद गहलोत की गरिमामयी उपस्थिति निर्धारित है, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कड़े विरोध और भ्रष्टाचार के आरोपों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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