प्रारब्ध न्यूज़ ब्यूरो, लखनऊ
राजधानी लखनऊ के जियामऊ स्थित विश्व संवाद केन्द्र में आज 'अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक बैंकर्स कल्याण समिति' का भव्य सम्मेलन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आए पूर्व सैनिक बैंकर्स ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
लकार्यक्रम का शुभारंभ
सम्मेलन की शुरुआत मुख्य अतिथि धीरज सिंह एवं अन्य वरिष्ठ पूर्व सैनिक बैंकर्स द्वारा माँ भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात सभी उपस्थित सदस्यों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गान किया, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
मुख्य चर्चा : पूर्व सैनिकों के अधिकार और चुनौतियां
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने पूर्व सैनिक बैंकर्स के सामने आ रही वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे।
- नये श्रम कानून : बदलते श्रम कानूनों के कारण छोटी पूर्व सैनिक बैंकर्स ट्रेड यूनियनों के अस्तित्व पर बढ़ते खतरे।
- पैरेन्टल यूनियंस में भूमिका : बैंकों की मुख्य (पैरेन्टल) यूनियनों में पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
- समन्वय की आवश्यकता: पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए एक सशक्त केंद्रीय समिति की प्रासंगिकता।
धीरेंद्र सिंह, आनंद राठौर और मृगांक श्रीवास्तव सहित कई वक्ताओं ने इन मुद्दों पर अपना जोरदार पक्ष रखते हुए भविष्य की रणनीति साझा की।
नई कार्यकारिणी का गठन
सम्मेलन में संगठन को मजबूती देने के लिए सर्वसम्मति से नई नियुक्तियां की गईं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष : आनंद राठौर
कोषाध्यक्ष : मृगांक श्रीवास्तव
इसके साथ ही हरेंद्र छेत्री (दिल्ली) और शंकर दत्त थपलियाल (उत्तराखंड) द्वारा समिति के संविधान का वाचन किया गया। उपस्थित सदस्यों (अतुल कुमार, संजीव, कुंदन सिंह, आदि) के सुझावों के आधार पर संविधान को और अधिक कल्याणकारी बनाने का संकल्प लिया गया।
सांस्कृतिक झलक और आभार
बैठक के गंभीर विमर्श के बीच शंकर दत्त थपलियाल और उनकी टीम ने उत्तराखंड के मधुर लोकगीतों की प्रस्तुति देकर सम्मेलन में चार चांद लगा दिए। समापन पर नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद राठौर ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और जल्द ही राज्यवार समितियों के गठन का लक्ष्य रखा।
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