UP News भदोही में गरजी नारी शक्ति: मंत्री ए.के. शर्मा ने विपक्ष को घेरा, महिला आरक्षण पर भरी हुंकार

प्रारब्ध न्यूज़ ब्यूरो, वाराणसी ​ 

​उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने भदोही प्रवास के दौरान महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। औराई ब्लॉक सभागार में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' संवाद और उसके बाद आयोजित जनआक्रोश मार्च में शामिल होकर उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।


​"विपक्ष का रवैया महिला विरोधी" : ए.के. शर्मा

​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' से आगे बढ़कर अब 'महिला नेतृत्व वाले विकास' की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने महिला आरक्षण बिल के मार्ग में आ रही बाधाओं के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।

संबोधन के मुख्य बिंदु

  • असहयोगात्मक रुख: मंत्री जी ने कहा कि विपक्ष के नकारात्मक रवैये के कारण महिला आरक्षण विधेयक में देरी हुई है, जिससे जनता में भारी असंतोष है।
  • अटूट विश्वास: उन्होंने भरोसा दिलाया कि तमाम बाधाओं के बावजूद यह विधेयक पारित होगा और महिलाओं को उनका वाजिब हक मिलकर रहेगा।
  • आर्थिक सशक्तीकरण : उज्ज्वला योजना से लेकर स्वयं सहायता समूहों तक, केंद्र और प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


​जनआक्रोश मार्च: सड़कों पर उतरी नारी शक्ति

​संवाद के बाद भदोही की सड़कों पर एक विशाल जनआक्रोश मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की। मार्च के दौरान महिलाओं ने विपक्षी दलों के रवैये के खिलाफ नारेबाजी की और संदेश दिया कि अब महिलाएं अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए पूरी तरह जागरूक हैं।

दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

​इस कार्यक्रम में स्थानीय नेतृत्व ने भी अपनी एकजुटता दिखाई। सांसद विनोद बिंद, औराई विधायक दीनानाथ भास्कर और ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने भी विपक्ष के रुख की कड़ी निंदा की।

प्रमुख उपस्थिति

  •  अनिरुद्ध त्रिपाठी (जिला पंचायत अध्यक्ष)
  • ​दीपक मिश्रा (जिलाध्यक्ष)
  • ​प्रियंका जायसवाल (कार्यक्रम संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष)
  • ​श्रीमती पूनम मौर्या एवं श्रीमती रेनू पांडे

​महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति स्वीकार्य नहीं

​भदोही का यह कार्यक्रम केवल एक प्रेस वार्ता नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण था कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। मंत्री ए.के. शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति अब स्वीकार्य नहीं होगी।


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