भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 के जरिए अमरावती को राज्य की आधिकारिक राजधानी घोषित कर दिया है। अधिनियम की पूरी जानकारी और ऐतिहासिक महत्व यहाँ पढ़ें।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली/अमरावती
आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर वर्षों से चला आ रहा संशय अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 'अमरावती' को आधिकारिक तौर पर राज्य की स्थायी राजधानी घोषित कर दिया है। सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन (राजपत्र) जारी कर दिया गया।
CM चंद्रबाबू नायडू के सपने को मिली मान्यता
यह घोषणा मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है। अमरावती को एक विश्वस्तरीय राजधानी बनाने का सपना उन्होंने ही देखा था। बीच के वर्षों में 'तीन राजधानियों' के प्रस्ताव के कारण जो राजनीतिक और कानूनी गतिरोध पैदा हुआ था, केंद्र सरकार के इस 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026' ने उस पर विराम लगा दिया है।
गजट नोटिफिकेशन की मुख्य बातें
भारत के राजपत्र (Extraordinary) में प्रकाशित सूचना के अनुसार, प्रमुख संशोधन निम्नलिखित हैं।
अधिनियम का नाम : इसे 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026' कहा जाएगा।
प्रभावी तिथि : यह कानून 2 जून, 2024 से प्रभावी माना जाएगा (Retrospective effect)।
धारा 5 में संशोधन : मूल अधिनियम (2014) की धारा 5 में संशोधन किया गया है। अब "एक नई राजधानी होगी" के स्थान पर स्पष्ट रूप से "अमरावती नई राजधानी होगी" शब्द जोड़ दिए गए हैं।
विस्तृत व्याख्या : अधिसूचना के अनुसार, 'अमरावती' शब्द के अंतर्गत वे सभी क्षेत्र शामिल होंगे जो 'आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) अधिनियम, 2014' के तहत अधिसूचित किए गए हैं।
क्यों अहम है यह फैसला
निवेश को मिलेगा बढ़ावा : राजधानी पर स्थिति स्पष्ट होने से अब अमरावती में ठप पड़े विकास कार्यों और अंतरराष्ट्रीय निवेश को नई गति मिलेगी।
कानूनी स्पष्टता : राजपत्र जारी होने के बाद अब राजधानी को लेकर किसी भी प्रकार की कानूनी चुनौती की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है।
प्रशासनिक सुदृढ़ता : तीन राजधानियों के भ्रम के कारण प्रशासनिक कार्यों में हो रही देरी अब समाप्त होगी और सभी मुख्य सरकारी कार्यालय एक ही स्थान पर केंद्रित होंगे।
अधिसूचना से तय होगी आंध्र प्रदेश के भविष्य की दिशा
भारत सरकार के विधायी विभाग (मंत्रालय, विधि और न्याय) द्वारा जारी यह अधिसूचना न केवल आंध्र प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करती है, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक नए युग की शुरुआत है।
प्रमाणिक स्रोत : भारत का राजपत्र, संख्या 12, नई दिल्ली, सोमवार, 6 अप्रैल, 2026/चैत्र 16, 1948 (शक)।


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