Assam : असम भाजपा में विद्रोह: प्रद्युत बारदोलोई को दिसपुर से टिकट, विधायक अतुल बोरा ने की बगावत

असम की राजनीति में हलचल! भाजपा विधायक अतुल बोरा ने प्रद्युत बारदोलोई को दिसपुर से टिकट मिलने पर बगावत की। क्या भाजपा की आंतरिक कलह का फायदा कांग्रेस को मिलेगा? पढ़ें पूरी रिपोर्ट। Assam BJP.

प्रद्युम बारदोलोई और अतुल बोरा। 

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, गुवाहाटी 

Assam Assembly Election Politics: असम विधानसभा चुनाव (Assam Assembly Election) की सुगबुगाहट के बीच राज्य की सियासत में बड़ा भूचाल आ गया है। कांग्रेस (Congress) का हाथ छोड़ भाजपा (BJP) का दामन थामने वाले दिग्गज नेता प्रद्युत बारदोलोई को पार्टी ने दिसपुर जैसी सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के इस फैसले ने पार्टी के भीतर ही अंतर्कलह को जन्म दे दिया है। दिसपुर से मौजूदा भाजपा विधायक (BJP MLA) अतुल बोरा ने टिकट कटने के बाद सीधे तौर पर बगावत का बिगुल फूंक दिया है।

अतुल बोरा का अल्टीमेटम: 'निर्दलीय लड़ूंगा या कांग्रेस को जिताऊंगा'

टिकट कटने से नाराज अतुल बोरा ने अपने समर्थकों के साथ बैठक की और भाजपा नेतृत्व के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि वे इस फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे। बोरा ने कहा, "क्षेत्र की जनता मेरे साथ है। यदि पार्टी ने अपना फैसला नहीं बदला, तो मैं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ूंगा या फिर कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करूंगा।"

भाजपा के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें

दिसपुर सीट पर मचे इस घमासान ने भाजपा आलाकमान की चिंता बढ़ा दी है। केवल अतुल बोरा ही नहीं, बल्कि राज्य के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी 'बाहरी' नेताओं को तवज्जो दिए जाने से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह बगावत अन्य सीटों पर भी फैली, तो इसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिल सकता है।

कांग्रेस की रणनीति और बढ़ता लाभ

जहाँ एक ओर भाजपा आंतरिक कलह से जूझ रही है, वहीं कांग्रेस इस स्थिति को भुनाने की तैयारी में है। पार्टी उन बागी नेताओं के संपर्क में है जो भाजपा से नाराज चल रहे हैं। असम की राजनीति में यह 'दलबदल और बगावत' का खेल आने वाले दिनों में और दिलचस्प मोड़ ले सकता है।

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