बिहार के नालंदा स्थित शीतला माता मंदिर में चैत्र मेले के दौरान मची भगदड़ में 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। अव्यवस्था और अफवाह के चलते हुए इस हादसे में कई घायल हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़ें। Bihar, Nalanda.
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, बिहार शरीफ (नालंदा)
बिहार के नालंदा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। बिहार शरीफ स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में चैत्र मास के अंतिम मंगलवार को आयोजित मेले के दौरान अचानक भगदड़ मच गई। इस भीषण हादसे में अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अफवाह से मची भगदड़ के चलते हादसा
चैत्र मास का अंतिम मंगलवार होने के कारण सुबह से ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा था। मंदिर के गर्भगृह और प्रांगण में क्षमता से अधिक भीड़ जमा थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में किसी बात को लेकर अचानक अफवाह फैली, जिसके बाद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थिति इतनी अनियंत्रित हो गई कि लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए निकलने लगे, जिससे दर्जनों श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और भीड़ के नीचे दब गए।
ग्रामीणों की मदद से राहत और बचाव कार्य
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
चश्मदीदों का बयान : अस्पताल में भर्ती पीड़ित पूनम और रीता देवी ने बताया कि उनकी आंखों के सामने ही कई लोग गिर गए थे। अब तक 4 शव अस्पताल लाए जा चुके हैं, जबकि 4 अन्य को लाने की प्रक्रिया जारी है।
घायलों की स्थिति : वर्तमान में 8 श्रद्धालुओं की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिनका उपचार चल रहा है।
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पर फूटा गुस्सा
इस भीषण हादसे के बाद ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने मंदिर प्रबंधन और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुरक्षा में चूक : मेले में भारी भीड़ की संभावना के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
बैरिकेडिंग का अभाव : भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई थी।
पुलिस बल की कमी : परिसर में पुलिस और सेवादारों की तैनाती न के बराबर थी, जिससे कतारें अव्यवस्थित हो गईं।


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