उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण मौसम ने बदली करवट। 20 से अधिक जिलों में बारिश, वज्रपात और घने कोहरे का रेड अलर्ट। जानें अपने शहर का हाल। UP Rain Update Today
उत्तर प्रदेश के मौसम का हाल, अचानक बदला मिजाज और आसमान में काले बादल छाएप्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश में आज कुदरत का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। मंगलवार, 3 फरवरी 2026 की सुबह से ही प्रदेश के कई हिस्सों में आसमान काले बादलों से घिर गया और दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न जिलों के लिए बारिश, गरज-चमक, वज्रपात (Lightning) और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर प्रदेश के जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। तेज़ हवाओं और बेमौसम बारिश ने न केवल तापमान गिरा दिया है, बल्कि यातायात और कृषि कार्यों के लिए भी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
इन जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।
ये हैं प्रभावित जिले
पूर्वांचल के जिले : वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर।
प्रयागराज मंडल : प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फतेहपुर।
बुंदेलखंड क्षेत्र के जिले : झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट।
अन्य क्षेत्र : रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और संत रविदास नगर।
इन इलाकों में गरज-चमक के साथ अचानक होने वाली बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कड़ाके की ठंड की वापसी हो गई है।
30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा जैसे जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
संभावित नुकसान
बिजली आपूर्ति : तेज़ हवाओं के कारण बिजली के खंभे और तार गिर सकते हैं।
पेड़-पौधे : कमजोर पेड़ों और टहनियों के टूटने की संभावना है।
कच्चे मकान : ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे घरों और झोपड़ियों को नुकसान पहुँच सकता है।
कोहरे का कहर : यातायात व्यवस्था प्रभावित
बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने घने से बहुत घने कोहरे (Dense Fog) की चेतावनी भी दी है। सहारनपुर से लेकर बलिया तक, पूरे प्रदेश में दृश्यता (Visibility) कम रहने की संभावना है।
क्षेत्र : दृश्यता : प्रभाव
राजमार्ग (Highways) : 50 मीटर से कम : वाहनों की गति धीमी, दुर्घटना का खतरा
रेलवे (Railways) : अत्यधिक विलंब : कई ट्रेनों के समय में बदलाव
हवाई मार्ग (Aviation) : लो विजिबिलिटी : उड़ानों के डायवर्सन या देरी की संभावना
खेती और किसानों पर असर
यह बेमौसम बारिश किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इस समय गेहूं, सरसों और दलहन की फसलें खेतों में तैयार हो रही हैं।
फसलों को नुकसान : ओलावृष्टि या तेज़ हवाओं के साथ बारिश से सरसों की फसल गिर सकती है।
पशुपालन : खुले में रखे गए पशुओं के लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
सावधानी और सुरक्षा के उपाय
मौसम विभाग और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस खराब मौसम के दौरान सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
बिजली गिरने पर : यदि आप बाहर हैं, तो पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट की छतों वाले पक्के मकानों में जाएं।
ड्राइविंग : कोहरे के दौरान वाहनों की हेडलाइट और फॉग लाइट ऑन रखें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
ढीले निर्माण : अपने घरों के बाहर रखे टीन शेड या ढीले उपकरणों को मजबूती से बांध लें।
कृषि : खेतों में सिंचाई का काम फिलहाल रोक दें और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर ढक कर रखें।
अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले 24 से 48 घंटों तक बना रह सकता है। इसके बाद बादलों के छंटने के साथ ही उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे गलन और ठंड में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है।

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