उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'मनरेगा बचाओ पदयात्रा' निकाली। लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए मनरेगा को मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की।
मनरेगा बचाओ पदयात्रा: यूपी के सभी 75 जिलों में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, अजय राय ने भरी हुंकार
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को पूरे प्रदेश में 'मनरेगा बचाओ पदयात्रा' के माध्यम से एक बड़ा सियासी और सामाजिक संदेश दिया। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य मनरेगा (MGNREGA) योजना को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना था।
राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्य पदयात्रा का नेतृत्व स्वयं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने किया।लखनऊ में शहीद स्मारक से शुरू हुई पदयात्रा
राजधानी लखनऊ में आंदोलन का आगाज़ बेहद भावुक और ऐतिहासिक रहा। पदयात्रा की शुरुआत काकोरी शहीद स्मारक पर वीर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ हुई। शहीदों को नमन करने के बाद अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में आए मनरेगा श्रमिकों का हुजूम सड़कों पर उतरा।
पदयात्रा शहीद स्मारक से शुरू होकर हरदोई रोड, दुर्गागंज चौराहा, काकोरी कस्बा, टाउन एरिया, ग्राम दसदोई, ग्राम जमलापुर चौराहा और ग्राम कर्झन मोड़ से होते हुए भलिया चौराहे पर जाकर संपन्न हुई। पूरी यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा के बजट में कटौती और श्रमिकों के भुगतान में हो रही देरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।राहुल-प्रियंका श्रमिकों को दिलाएंगे हक : अजय राय
पदयात्रा के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, जननायक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का यह प्रण है कि ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों के आर्थिक और सामाजिक हक की लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ेंगे। मनरेगा एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसे सरकार कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
राय ने आगे कहा कि आज की पदयात्रा में मनरेगा श्रमिकों की व्यापक भागीदारी यह साबित करती है कि जमीन पर लोग परेशान हैं। कांग्रेस ही उनकी एकमात्र आवाज बनकर खड़ी है।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा
लखनऊ की इस पदयात्रा में कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरे शामिल हुए। प्रमुख नामों में शामिल रहे। उसमें पूर्व मंत्री राजबहादुर, पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष शिव पांडेय, जिला अध्यक्ष, लखनऊ रुद्र दमन सिंह 'बबलू', लखनऊ दक्षिण के अध्यक्ष डॉ. शहजाद आलम, लखनऊ उत्तर के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी, पार्षद मुकेश सिंह चौहान रहे। इनके अलावा अमीर हैदर, प्रमोद सिंह, ओंकार नाथ सिंह, विजय बहादुर और डॉ. जियाराम वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों ने श्रमिकों के कंधे से कंधा मिलाकर मार्च किया।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की सफलता
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष श्रीवास्तव हिंदवी ने बताया कि यह आंदोलन केवल लखनऊ तक सीमित नहीं था। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में वरिष्ठ नेताओं और जिला पदाधिकारियों के नेतृत्व में ऐसी ही पदयात्राएं निकाली गईं।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार डिजिटल उपस्थिति और अन्य तकनीकी बाधाओं के नाम पर गरीब मजदूरों को उनके काम से वंचित कर रही है।
कांग्रेस की मनरेगा को लेकर ये हैं प्रमुख मांगें
मनरेगा बजट में सम्मानजनक वृद्धि की जाए।
कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाई जाए।
मजदूरी का भुगतान समय पर और उचित दरों पर सुनिश्चित हो।।
मनरेगा के जरिये ग्रामीण वोट बैंक को साध रही कांग्रेस
'मनरेगा बचाओ संग्राम' के जरिये कांग्रेस ने आगामी चुनावों से पहले ग्रामीण वोट बैंक को साधने और सरकार की घेराबंदी करने की अपनी रणनीति साफ कर दी है। श्रमिकों की भारी भीड़ ने इस आंदोलन को एक नई ऊर्जा प्रदान की है।






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