दिनांक : 14 फरवरी 2026
दिन : शनिवार
विक्रम संवत् : 2082
अयन : उत्तरायण
ऋतु : शिशिर
मास : फाल्गुन
पक्ष : कृष्ण
तिथि : द्वादशी शाम 04:01 बजे तक
नक्षत्र : पूर्वाषाढ़ शाम 06:16 बजे तक
योग : सिद्धि रात्रि 03:28 बजे तक
करण : तैतिल शाम 04:01 बजे तक तत्पश्चात गर
राहुकाल : सुबह 09:34 बजे से सुबह 10:59 बजे तक
सूर्योदय : प्रातः 06:49 बजे
सूर्यास्त : संध्या 05:57 बजे
दिशा शूल : पूर्व दिशा में
ब्रह्ममुहूर्त : प्रातः 05:06 बजे से प्रातः 05:57 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:01 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:57 बजे से 12:48 बजे तक
सूर्य राशि : कुंभ
चंद्र राशि : धनु
बृहस्पति राशि : मिथुन
व्रत पर्व विवरण : शनि त्रयोदशी, प्रदोष व्रत
शनि प्रदोष व्रत
पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 14 फरवरी, शनिवार को शनिप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।
आचार्य आदित्य वशिष्ठ
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