लखनऊ स्थित डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में 'रंग ए उत्सव' का आयोजन हुआ। जानें कैसे विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और गुलाल के साथ मनाया भाईचारे का यह पर्व।
रंग ए उत्सव : डॉ. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय में प्री-होली फेस्ट की धूम, 1000 छात्रों ने बिखेरे रंग
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (DSMRU) के परिसर में “प्री होली रंग ए उत्सव” का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। इस उत्सव में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरा परिसर होली के रंगों और हर्षोल्लास में सराबोर नजर आया।
सांस्कृतिक महत्व व सामाजिक समरसता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान होली के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया गया। दृष्टिबाधित विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आद्या शक्ति राय और श्रवणबाधित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय मिश्रा ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को संबोधित किया।
"होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम और भाईचारे का जीवंत प्रतीक है।" - डॉ. मृत्युंजय मिश्रा, विभागाध्यक्ष, श्रवणबाधित।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों से सुरक्षित, इको-फ्रेंडली और संयमित ढंग से त्योहार मनाने की अपील की, ताकि उत्सव की गरिमा बनी रहे।
प्रणव शुक्ला की गायकी व विविध प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
उत्सव का मुख्य आकर्षण प्रतिभाशाली गायक प्रणव शुक्ला की सुरीली प्रस्तुति रही, जिस पर विद्यार्थी जमकर झूमे। इसके अलावा कार्यक्रम को मनोरंजक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की गईं।
ओपन माइक सत्र : विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कविता पाठ : होली के उल्लास को शब्दों में पिरोया गया।
ब्रांड नेम गेम : एक रोचक दिमागी खेल प्रतियोगिता।
विचार-विमर्श : होली के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व पर चर्चा।
स्वच्छता और पर्यावरण का संदेश
केवल रंगों तक ही यह उत्सव सीमित नहीं रहा, बल्कि आयोजन के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली गई। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे उत्सव के बाद भी विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ बनाए रखें।
आयोजन टीम और प्रमुख योगदान
इस सफल कार्यक्रम के मुख्य आयोजक आशुतोष सिंह (एम.एड., विशेष शिक्षा) रहे, जिन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से छात्रों के बीच आपसी सद्भाव सुदृढ़ होता है। कार्यक्रम का कुशल संचालन सह-संयोजक प्रभंजन पाठक (एम.टेक.) ने किया।
आयोजन समिति के सक्रिय सदस्य
इस आयोजन को सफल बनाने में निम्नलिखित विद्यार्थियों की टीम का विशेष योगदान रहा।
शिवानी चौहान, यज्ञ दत्त, आयुषी कुमावत, दिव्य, अभितेंद्र।
महिमा, वरुण, मुस्कान सिंह, सानिया भारद्वाज, रसराज।
रुचि यादव, कशिश, शिवांगी, माधव, आयुष और वायुद्ध।







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