कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमित शाह मानहानि मामले में सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट में पेश हुए। जानें 20 मिनट की अदालती कार्यवाही और क्या रहा राहुल गांधी का बयान। राहुल गांधी सुल्तानपुर मानहानि केस (Rahul Gandhi Sultanpur Defamation Case)
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP-MLA कोर्ट में पेश हुए। गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में राहुल गांधी ने अदालत के सामने अपना बयान दर्ज कराया। वह करीब 20 मिनट तक कोर्ट रूम में मौजूद रहे।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2018 का है, जब कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ 'आपत्तिजनक' टिप्पणी की थी।
- शिकायतकर्ता : भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुल्तानपुर कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया था।
- आरोप : राहुल गांधी पर आईपीसी की धारा 500 (मानहानि) के तहत मामला चल रहा है।
अदालत में क्या हुआ
राहुल गांधी कड़ी सुरक्षा के बीच सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे। उनके वकीलों के अनुसार, राहुल गांधी ने न्यायाधीश के समक्ष अपना पक्ष रखा और आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना के चलते दर्ज कराया गया है। इसमें कोई ठोस आधार नहीं है।
कोर्ट की कार्यवाही करीब 20 मिनट तक चली, जिसके बाद वह कोर्ट परिसर से बाहर निकल गए। राहुल गांधी करीब 20 मिनट तक कोर्ट में मौजूद रहे और अपना बयान दर्ज कराया। इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की गई है। राहुल गांधी की टीम का तर्क है कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है और उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है।
इस दौरान रही राजनीतिक हलचल
राहुल गांधी की पेशी को लेकर सुल्तानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद उत्तर प्रदेश की किसी अदालत में यह उनकी पहली बड़ी पेशी है, जिसे सियासी गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है।
रामचेत मोची के परिजनों से मिले राहुल गांधी
कोर्ट से निकलने के बाद राहुल गांधी रामचेत मोची की दुकान की ओर रवाना हुए। रामचेत का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था। एक साल पहले राहुल गांधी उनकी दुकान पर पहुंचे थे और उनके साथ बैठकर जूते सिले थे। बाद में उन्होंने रामचेत को सिलाई मशीन भी भिजवाई थी। अब वे उनके परिवार से मुलाकात की।
राहुल के आगमन से कार्यकर्ता उत्साहित
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। एयरपोर्ट से लेकर सड़क मार्ग तक समर्थकों की भीड़ जुटी रही। “न्याय की जीत होगी” और “लोकतंत्र जिंदाबाद” जैसे नारों के बीच कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित मामला बताया।
कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन
सुल्तानपुर में राहुल गांधी के समर्थन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे। हालांकि प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना समर्थन व्यक्त किया। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक कानूनी प्रक्रिया है और वे पूरी तरह आश्वस्त हैं कि न्याय मिलेगा।
राजनीतिज्ञों की प्रतिक्रियाएं
राहुल गांधी की पेशी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा होती रही। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश करार दिया है। वहीं, विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है। अदालत की प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी की हर कानूनी कार्रवाई राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बन जाती हैं। ऐसे मामलों का असर राजनीतिक विमर्श पर भी पड़ता है।

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