Lucknow News: नवयुग कन्या महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार; 'सर्कुलर इकोनॉमी भविष्य की ज़रूरत' - प्रो. अजय तनेजा

नवयुग कन्या महाविद्यालय लखनऊ में 'ब्रीजिंग डिसप्लींस थ्रू केमिकल साइंस' विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार संपन्न। प्रो. अजय तनेजा ने सर्कुलर इकोनॉमी को बताया भविष्य की आवश्यकता। जानें प्रमुख वक्ता और विजेताओं के नाम।

विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुज कुमार शर्मा को स्मृति चिह्न देतीं नवयुग कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय। 
नवयुग कन्या महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में 'सर्कुलर इकोनॉमी' को विशेषज्ञों ने बताया सस्टेनेबल भविष्य का आधार

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार "ब्रीजिंग डिसप्लींस थ्रू केमिकल साइंस फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर-2026" का सफलतापूर्वक समापन हुआ। हाइब्रिड मोड में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने की और प्रबंधन विजय दयाल के संरक्षण में संपन्न हुआ।

प्रमुख वक्ताओं ने साझा किए विचार

सेमिनार के दूसरे दिन विभिन्न वैश्विक विशेषज्ञों ने अपने शोध पत्र और विचार प्रस्तुत किए।

प्रो. मेरी गार्सन (जर्मनी) : अध्यक्ष IUPAC ने ऑनलाइन माध्यम से केमिकल साइंस के वैश्विक महत्व पर व्याख्यान दिया।

डॉ. अनिरुद्ध पाटिल (MDU मुंबई) : 'स्ट्रक्चरल री-इंजीनियरिंग ऑफ मीशो कंपोजिट मैटीरियल फॉर सेंसर एप्लीकेशन' पर पावरपॉइंट प्रस्तुति दी।

प्रो. अजय विशेकर (दक्षिण अफ्रीका) : हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर्स में 'सेलूलाज बेस्ड इंसुलेटिंग पेपर' के कायाकल्प पर विचार रखे।

प्रो. विजय पारे (ए.सी.टी इंडिया) : 'सस्टेनेबिलिटी थ्रू सर्कुलर केमिस्ट्री' विषय पर शोध प्रस्तुत किया।

डॉ. विवेक मिश्र (HJI जर्मनी) : 'मैकेनिज्म जेवलिन सिंथेसिस' के जरिए दवाओं के सटीक निर्माण पर चर्चा की।

"सर्कुलर इकोनॉमी" भविष्य का विकल्प : प्रो. तनेजा

समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. अजय तनेजा (कुलपति, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय) ने अपने संबोधन में कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी पारंपरिक रेखीय अर्थव्यवस्था का एकमात्र विकल्प है। उन्होंने उत्पादों के पुनः उपयोग (Reuse), मरम्मत (Repair) और पुनर्चक्रण (Recycle) पर जोर दिया ताकि पर्यावरण संतुलन के साथ आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके।

विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुज कुमार शर्मा (डीन, AKTU) ने युवाओं को 'स्टार्टअप' के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह देश की GDP बढ़ाने और बेरोजगारी कम करने का सशक्त माध्यम है।

शोध एवं प्रतियोगिता के परिणाम

सेमिनार के दौरान शोधार्थियों ने पोस्टर और ओरल प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई।

विजेताओं की सूची

पोस्टर प्रजेंटेशन (Offline) : आकृति श्रीवास्तव एवं सुदक्षिणा त्रिवेदी।

ओरल प्रजेंटेशन (Offline) : डॉ. कल्याणी दीक्षित प्रथम स्थान और वैशाली सिंह द्वितीय स्थान पर रहीं।

पोस्टर प्रजेंटेशन (Online) : शशांक प्रथम स्थान पर रहे और शिवाशीष द्वितीय स्थान पर रहे।

विशेष आकर्षण के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय की विदेशी छात्राओं में कैरोलिना, डेंटल, अन्ना और ईलाकेला ने भी अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

आयोजन समिति और समापन

सेमिनार की संयोजिका डॉ. नेहा अग्रवाल (असिस्टेंट प्रोफेसर) ने दो दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। सत्रों का संचालन डॉ. अनुरिमा बनर्जी, डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. प्रतिमा घोष और डॉ. क्षितिज शुक्ला द्वारा किया गया।

अंत में, प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्रम्, स्मृति चिन्ह और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक 'पौधा' भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ हुआ।

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