नवयुग कन्या महाविद्यालय लखनऊ में रसायन शास्त्र विभाग द्वारा 'ब्रीजिंग डिसप्लींस थ्रू केमिकल साइंस' विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार (2026) का हाइब्रिड मोड में सफल आयोजन।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
राजधानी के राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग द्वारा दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। "ब्रीजिंग डिसप्लींस थ्रू केमिकल साइंस फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर- 2026" विषय पर आधारित यह सेमिनार हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय की अध्यक्षता, प्रबंधक विजय दयाल के संरक्षण और रसायन शास्त्र विभाग की सहायक आचार्य डॉ. नेहा अग्रवाल के संयोजकत्व में आयोजित किया गया।उद्घाटन और अतिथि सत्कार
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और प्राचार्या द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ।
अतिथियों का सम्मान
अंगवस्त्रम्, स्मृति चिन्ह और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के रूप में पौधा भेंट कर किया गया। बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा मुस्कान मिश्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने स्वागत भाषण दिया, जबकि डॉ. नेहा अग्रवाल ने विषय प्रवर्तन किया।
प्रमुख वक्ताओं के विचार : विज्ञान और सतत विकास
उद्घाटन सत्र में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी की अध्यक्षता में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए।
मुख्य अतिथि, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि हरित रसायन (Green Chemistry) और नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से प्रदूषण कम करना ही सतत विकास की कुंजी है।
विशिष्ट अतिथि, बाबा भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने जोर दिया कि समावेशी विकास के लिए सामाजिक समरसता और प्रकृति के साथ तालमेल अनिवार्य है।
अंतर्राष्ट्रीय मुख्य वक्ता, दक्षिण अफ्रीका प्रो. श्रीकांथ बी. जोनालगड्डा ने विज्ञान को विकास का सशक्त आधार बताते हुए जीवन के हर पहलू में रसायन विज्ञान की प्रासंगिकता समझाई।
पुस्तकों का विमोचन
सेमिनार के दौरान अकादमिक जगत के लिए महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इसमें डॉ. नेहा अग्रवाल द्वारा संपादित दो पुस्तकें। वहीं, डॉ. सुनीता सिंह द्वारा संपादित दो पुस्तकें। इसी तरह प्रोफेसर सीमा पांडेय द्वारा संपादित एक पुस्तक (सोवेनियर)।
तकनीकी सत्र और पैनल डिस्कशन
उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. विनीता सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. संगीता कोतवाल (IQAC समन्विका) द्वारा दिया गया। इसके बाद अन्य सत्रों में गहन चर्चा हुई।
पैनल डिस्कशन : डॉ. सुखमनी के संचालन में प्रो. ध्रुवसेन सिंह, प्रो. निशी पांडे, डॉ. दीपा एच. द्विवेदी और डॉ. मनीषा शुक्ला जैसे विशेषज्ञों ने संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया।
विशेष व्याख्यान : दक्षिण अफ्रीका के प्रो. जोनालगड्डा ने 'ग्रीन केमिस्ट्री' पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। वहीं, पश्चिम बंगाल के डॉ. अमृत कृष्णा मित्रा और फिजी से प्रो. सुरेंद्र प्रसाद ने भी ऑनलाइन माध्यम से अपने शोध विचार रखे।
केस स्टडी : डॉ. एके सक्सेना (जीआईपीईआर) ने 'औषधि डिजाइन की रणनीतियों' पर प्रकाश डाला।
शोधार्थियों की भागीदारी
इस सेमिनार में देश-विदेश के लगभग 200 शोधार्थियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. अश्विनी मिश्र, प्रो. शिवकुमार, प्रो. देवेंद्र सिंह और प्रो. उपमा चतुर्वेदी सहित कई महाविद्यालयों के प्राचार्य व शिक्षक उपस्थित रहे।



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