उत्तर प्रदेश कांग्रेस (Uttar Pradesh Congress) ने 'मनरेगा बचाओ महासंग्राम' के तहत लखनऊ (Lucknow) में विधानसभा (Assembly) का घेराव किया। अजय राय, अविनाश पांडे और आराधना मिश्रा मोना सहित दिग्गज नेताओं ने भाजपा सरकार के कुशासन और मनरेगा की अनदेखी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और अविनाश पांडे के नेतृत्व में कांग्रेस का विधानसभा घेराव, भाजपा सरकार के खिलाफ हुंकारप्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज मंगलवार को'मनरेगा बचाओ महासंग्राम' के बैनर तले उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाजपा सरकार के कथित कुशासन और मनरेगा योजना को कमजोर करने के विरोध में विधानसभा का घेराव किया। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और दिग्गज नेता सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर कूच कर गए।
प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शनइस विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने किया। आंदोलन में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। प्रदर्शन में शामिल मुख्य नाम इस प्रकार हैं।
- अविनाश पांडे : राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी, उत्तर प्रदेश।
- अजय राय : प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री।
- किशोरी लाल शर्मा : सांसद, अमेठी।
- आराधना मिश्रा 'मोना' : नेता, विधानमंडल दल कांग्रेस।
- वीरेंद्र चौधरी : विधायक।
- इसके साथ ही कई पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और प्रदेश भर से आए वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।
"उद्योगपतियों की सरकार, गरीबों पर वार"
कांग्रेस के प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी और योगी सरकार मिलकर मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को खत्म करने की साजिश रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है और गरीबों के हक को छीना जा रहा है।
"योगी सरकार की तानाशाही और कुशासन चरम पर है। पुलिस के दम पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता की आवाज को भाजपा की लाठियां और जेलें नहीं रोक पाएंगी।" — अंशू अवस्थी, प्रवक्ता कांग्रेस
दलितों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। सरकार जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव कर रही है और दलितों, अल्पसंख्यकों व गरीबों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि असली अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
गिरफ्तारी और पुलिसिया कार्रवाई
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। कांग्रेस का दावा है कि सरकार ने आंदोलन को विफल करने के लिए कई नेताओं को हिरासत में लिया और कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित कांग्रेसी जनता के मुद्दों पर डटे रहे।
घेराव कर रहे कार्यकर्ताओं को लाठी डंडे से रोकने का प्रयास
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत विधानसभा घेराव के लिए प्रदेश के कोन-कोने से आज कांग्रेस सड़क पर तानाशाह सरकार के खिलाफ लड़ रही थी, वहीं शासन और प्रशासन सत्ता के इशारे पर घेराव कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठी डंडे के बल पर रोकने का प्रयास करती नज़र आई। पुलिस प्रशासन दो दिनों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नोटिस देने के साथ उत्पीड़ित कर रहा था। फिर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नेता निकलने में कामयाब रहे, उन्हें रास्तों में रोकने का प्रयास किया गया, परंतु तमाम बंदिशों के बावजूद हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर घेराव करने के लिए पहुंचे।
कांग्रेस कार्यालय को चारों तरफ से बंद छावनी में किया तब्दील
लखनऊ में भारी पुलिस बल और बैरीकेडस लगाकर कांग्रेस कार्यालय को चारों तरफ से बंद कर छावनी में तब्दील कर दिया गया। जोश में भरे कार्यकर्ता पुलिस से जूझते रहे और विधानसभा की तरफ कूच करते रहे। इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित कई नेता एवं कार्यकर्ता चोटिल हो गए।
पुलिस प्रशासन से धक्का-मुक्की एवं नोक-झोंक
कार्यकर्ता नारे लगाते हुए विधानसभा की ओर आगे बढ़े तो पुलिस प्रशासन के बीच धक्का-मुक्की एवं तीखी नोक-झोंक की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर सख्ती पूर्वक रोकने की कोशिश की गई। इसके बावजूद प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना ‘‘मिश्रा’’ मोना, राष्ट्रीय सचिव सहप्रभारी उप्र धीरज गुर्जर, राजेश तिवारी, नीलांशू चतुर्वेदी, प्रदीप नरवाल, सांसद केएल शर्मा, विधायक वीरेन्द्र चौधरी, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी लखनऊ के अध्यक्ष रूद्र दमन सिंह बबलू, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी एव डॉ. शहजाद आलम आगे बढ़ते हुए बैरीकेडस पर चढ़कर पुलिस की तमाम तैयारियों को धता बताते हुए सरकार की दमनकारी नीति को असफल करने में कामयाब रहे।
गिरफ्तार कर अस्थाई जेल ईको गार्डेन ले गए
प्रशासन ने सत्ता के निर्देश पर प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय सहित सभी वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके बसों के माध्यम से अस्थाई जेल ईको गार्डेन ले गए।
वास्तव में मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की समग्र आर्थिक प्रणाली को चलाने वाला आधार स्तंभ था। मनरेगा कोरोना काल की भीषण महामारी के दौर में प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराकर जीवनदायिनी साबित हुई। यह आय, अवसंरचना, कृषि, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा सभी को मजबूती प्रदान कर वास्तव में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में कार्य किया, जिसे मोदी सरकार खत्म करने पर अमादा है। इसे बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में एक विशाल मनरेगा बचाओ संग्राम छेड़ रखा है जिसके तहत देश के सभी राज्यों के प्रत्येक जिलों में चौपाल, धरना प्रदर्शन एवं लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
दमन और लाठीचार्ज से कार्यकर्ता डरने वाले नहीं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने योगी सरकार के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा मजदूरों, गरीबों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी। दमन और लाठीचार्ज से कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं, बल्कि और मजबूती से जनसंघर्ष को आगे बढ़ाएंगे। यदि मनरेगा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता ना डरेगा, ना झुकेगा, ना रूकेगा।
भाजपा का महिला विरोधी चेहरा उजागर
कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से महिलाओं को अपनी गांव में सम्मान सहित रोजगार उपलब्ध होता था। इसको कमजोर कर भाजपा सरकार ने अपना महिला विरोधी चेहरा उजागर करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के मूल में बेहद संवेदनशील भावना निहित है कि मजदूरों को आवश्यकता के समय रोजगार उनके गांव में ही उपलब्ध होगा। ताकि उन्हें रोजगार के लिए परिवार को छोड़कर बाहर न जाना पड़े।
ये पदाधिकारी प्रमुख रूप से प्रदर्शन में हुए शामिल
पूर्व विधायक सतीश अजमानी, भगवती प्रसाद चौधरी, श्याम किशोर शुक्ला, धीरेन्द्र सिंह धीरू, प्रवक्ता अंशू अवस्थी, सोहेल अख्तर अंसारी, इन्दल रावत, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान कोषाध्यक्ष शिव पाण्डेय, निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश सिंह, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, शरद मिश्रा, विश्वविजय सिंह, आलोक प्रसाद, केशवचन्द्र यादव, विवेकानंद पाठक, सरिता पटेल, अरशद खुर्शीद, संजीव शर्मा, मुकेश सिंह चौहान, संजय दीक्षित, मनीष हिंदवी, डॉ. उमा शंकर पाण्डेय, प्रियंका गुप्ता, डॉ. अलीमुल्लाह खान, पुनीत पाठक, सचिन रावत, डॉ. राजकुमार मौर्या, प्रतिभा अटल पाल, उप्र कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन मनोज यादव, विधि विभाग के चेयरमैन आसिफ रिजवी रिंकू, चिकित्सा प्रकोष्ठ के चेयरमैन डॉ. आजाद बेग, शिक्षक प्रकोष्ठ के चेयरमैन डॉ. अमित कुमार राय, युवा कांग्रेस मध्यजोन के कार्य. अध्यक्ष अकित तिवारी, एनएसयूआई मध्यजोन अध्यक्ष अनस रहमान, महिला कांग्रेस पूर्वी जोन अध्यक्ष शहला अहरारी, करिश्मा ठाकुर, किसान कांग्रेस मध्यजोन के अध्यक्ष बृज मौर्या, हम्माम वहीद, श्रवण गुप्ता, अनामिका यादव, सिद्धिश्री, अमानुर रहमान, आशुतोष मिश्रा, पंकज तिवारी, संजीव पाण्डेय, प्रमोद सिंह, वेद प्रकाश त्रिपाठी, देवांश तिवारी, बृजेन्द्र सिंह, वीरेन्द्र मदान, जिला कांग्रेस कमेटी प्रतापगढ़ के अध्यक्ष नीरज त्रिपाठी, उन्नाव के सुरेन्द्र कुशवाहा, सीतापुर की अध्यक्ष ममता वर्मा, धीरज श्रीवास्तव सहित प्रदेश के कई जनपदों के जिला/शहर अध्यक्षगण शामिल रहे।
इन्हें किया गया हाउस अरेस्ट
साथ ही सांसद तनुज पुनिया, राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी सहित प्रदेश भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकताओं, नेताओं एवं जिला/शहर अध्यक्षगणों को हाउस अरेस्ट किया गया।





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