Bihar Tourism : दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग; 210 मिट्रिक टन वजनी महादेव के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़



प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, मोतिहारी 

बिहार की पावन धरती पर एक नया इतिहास बनने जा रहा है। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के कैथवलिया में बन रहे विश्व प्रसिद्ध विराट रामायण मंदिर के लिए दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार पहुंच चुका है। इस 210 मीट्रिक टन वजनी और 33 फीट ऊंचे महाकाय शिवलिंग के आने से पूरे इलाके का माहौल भक्तिमय हो गया है।

डुमरियाघाट पुल पर श्रद्धा की बाढ़  

जैसे ही यह विशाल शिवलिंग डुमरियाघाट पुल पर पहुंचा, वहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा माहौल गूंज उठा। लोग अपने आराध्य के दर्शन करने और ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। शिवलिंग को विशेष ट्रकों और हाइड्रोलिक सिस्टम की मदद और सावधानी से लाया जा रहा है।


शिवलिंग की अद्भुत विशेषताएं  

यह शिवलिंग न केवल धार्मिक बल्कि वास्तुकला की दृष्टि से भी अनोखा है। आएं जानें इसकी कुछ खासियत।

वजन : लगभग 210 मीट्रिक टन।  

ऊंचाई : शिवलिंग 33 फीट ऊंचा।  

निर्माण : ग्रेनाइट पत्थर के एक विशाल खंड से तराशा कर।  

क्षमता : शिवलिंग की विशालता के कारण मंदिर में जलाभिषेक के लिए विशेष सीढ़ियों और ऊंचे प्लेटफार्म का निर्माण किया जा रहा है।  

विराट रामायण मंदिर : विश्व का गौरव  

पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर को कंबोडिया के 'अंकोरवाट मंदिर' से भी बड़ा बनाया जा रहा है। इस मंदिर में स्थापित होने वाला शिवलिंग इसकी पहचान बनेगा। मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि शिवलिंग की स्थापना के बाद बिहार एक वैश्विक पर्यटन और धार्मिक केंद्र के रूप में उभरेगा।

सुरक्षा और परिवहन के कड़े इंतजाम  

इतने भारी भरकम शिवलिंग को सड़क से लाना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए विशेष ट्रेलर का उपयोग किया गया और पूरे रास्ते पुलों की मजबूती पर भी ध्यान दिया गया। प्रशासन और मंदिर समिति के स्वयंसेवक लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और शिवलिंग को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने में लगे हैं।


ऐसे पहुंचे विश्व प्रसिद्ध विराट रामायण मंदिर

यह मंदिर बहुआरा-कैथवलिया गाँवों में मोतिहारी से लगभग 31 किमी दक्षिण में और चकिया से लगभग 13 किमी पश्चिम में स्थित है। यहां रेलमार्ग, सड़क मार्ग और फ्लाइट से भी पहुंच सकते हैं। हालांकि फ्लाइट से आने के लिए पटना या फिर गोरखपुर एयरपोर्ट उतरना पड़ेगा। फिर वहां से टैक्सी पकड़ कर यहां तक आना होगा।

रेल मार्ग (Rail Route) : मोतिहारी (Motihari) रेलवे स्टेशन, यह पूर्वी चंपारण का मुख्य स्टेशन है और मंदिर से लगभग 31 किमी दूर है।

चकिया (Chakia) : यह रेलवे स्टेशन मंदिर के करीब है, जो लगभग 13 किमी पश्चिम में स्थित है।

बक्सर (Buxar) : (कुछ स्रोतों के अनुसार) बक्सर रेलवे स्टेशन भी एक विकल्प है, जहाँ से टैक्सी या बस ले सकते हैं। हालांकि इसकी दूरी कैथवलिया से अधिक है।

हवाई मार्ग (Air Route) : पटना हवाई अड्डा (Patna Airport) यह सबसे बड़ा और नजदीकी प्रमुख हवाई अड्डा है, जो लगभग 120 किमी दूरी पर स्थित है।

गोरखपुर हवाई अड्डा (Gorakhpur Airport) : यह भी एक विकल्प है, जहाँ से आगे का सफर सड़क मार्ग से तय करना होगा।

सड़क मार्ग (Road Route) : मंदिर चकिया-केसरिया रोड (Chakia-Kesariya Road) पर बहुआरा-कैथवलिया गाँवों के पास स्थित है। पटना से टैक्सी या बस लेकर मोतिहारी या चकिया तक आ सकते हैं।


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