Kerala फतह की तैयारी : शशि थरूर ने खरगे और राहुल गांधी से की मुलाकात, चुनाव के लिए 'मास्टर प्लान' तैयार

कांग्रेस सांसद (Congress MP) शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने दिल्ली (New Delhi) में मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाकात की। इस बैठक में केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए खास रणनीति और संगठन की मजबूती पर चर्चा हुई। विस्तार से पढ़ें।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। दिल्ली में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक को केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

बैठक का मुख्य एजेंडा : केरल 2026

सूत्रों के अनुसार, बैठक का प्राथमिक उद्देश्य केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF (United Democratic Front) को मजबूती प्रदान करना और आगामी चुनावों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना था। बैठक में केरल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, सत्ता विरोधी लहर और संगठन के भीतर समन्वय जैसे मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई।

साझा की केरल की 'ग्राउंड रिपोर्ट'

शशि थरूर ने मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को केरल की जमीनी हकीकत से अवगत कराया। बैठक के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई।

युवा और प्रोफेशनल वोटर्स

थरूर ने शिक्षित युवाओं और प्रोफेशल्स को कांग्रेस से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

संगठनात्मक बदलाव

राज्य इकाई के भीतर नई ऊर्जा फूंकने के लिए संगठनात्मक स्तर पर कुछ बदलावों पर भी बात हुई।

केंद्र सरकार की घेराबंदी

वायनाड और तिरुवनंतपुरम सहित पूरे केरल में केंद्र की नीतियों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की रणनीति।

मुलाकात के बाद बोले शशि थरूर

बैठक के बाद पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में शशि थरूर ने इस मुलाकात को 'सकारात्मक और भविष्योन्मुखी' बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी के साथ बातचीत हमेशा प्रेरणादायक होती है। हमारा एकमात्र लक्ष्य केरल में कांग्रेस को फिर से सत्ता में वापस लाना है। हमने राज्य की चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से बात की है। हम एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।

केरल की राजनीति में थरूर की भूमिका

पिछले कुछ समय से केरल कांग्रेस में शशि थरूर की सक्रियता बढ़ी है। हाल के दिनों में उनके राज्य भर के दौरों और विभिन्न समुदायों के नेताओं से मुलाकात ने यह संकेत दिया है कि पार्टी उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में एक बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। राहुल गांधी और खरगे का उन्हें समय देना इस बात की पुष्टि करता है कि हाईकमान थरूर के अनुभव और लोकप्रियता का पूरा लाभ उठाना चाहता है।

'जीत के फॉर्मूले' पर काम कर रही कांग्रेस 

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केरल में राजनीतिक हलचल तेज है। कांग्रेस आलाकमान का थरूर के साथ बैठना यह दर्शाता है कि पार्टी अब गुटबाजी से ऊपर उठकर 'जीत के फॉर्मूले' पर काम कर रही है।

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