नोएडा प्राधिकरण के OSD महेंद्र प्रसाद को हटाया गया। जानें क्यों CEO लोकेश एम की फोटो बिना अनुमति कैलेंडर में छापना उन्हें भारी पड़ा। पढ़ें पूरा बैकग्राउंड और घटनाक्रम।
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| कैलेण्डर में नोएडा सीईओ लोकेश एम की फोटो बिना अनुमति प्रकाशित कराई गई। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, नोएडा/लखनऊ
उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक अनुशासनहीनता के एक मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण में तैनात विशेष कार्याधिकारी (OSD) महेंद्र प्रसाद को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। महेंद्र प्रसाद को नोएडा से हटाकर लखनऊ मुख्यालय में 'प्रतीक्षारत' (Waiting) रखा गया है। यह पूरी कार्रवाई एक मेट्रो कैलेंडर में फोटो छपवाने के विवाद के बाद की गई है।
आए जानें क्या है पूरा मामला
पूरा विवाद नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) के नए साल के कैलेंडर के प्रकाशन से शुरू हुआ। ओएसडी महेंद्र प्रसाद इस प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने कैलेंडर में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ (CEO) लोकेश एम. की फोटो बिना उनकी अनुमति के प्रमुखता से प्रकाशित करवा दी।
जब कैलेंडर वितरण के लिए तैयार हुआ और उच्च अधिकारियों तक पहुँचा, तो बिना प्रोटोकॉल के फोटो छपवाने की बात सामने आई। शासन ने इसे पद का दुरुपयोग और अनुशासनहीनता माना, जिसके बाद उन्हें नोएडा से हटाकर लखनऊ अटैच कर दिया गया।यह है विस्तृत बैकग्राउंड: क्यों हुई सख्त कार्रवाई
इस विवाद के पीछे प्रशासनिक कार्यप्रणाली और नियमों के उल्लंघन की एक लंबी कड़़ी है।
अनुमति का अभाव : सरकारी नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी सामग्री या कैलेंडर में वरिष्ठ अधिकारियों की तस्वीर लगाने से पहले संबंधित अधिकारी और सूचना विभाग की औपचारिक लिखित अनुमति अनिवार्य होती है। महेंद्र प्रसाद ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज किया।
प्रोटोकॉल का उल्लंघन : नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम. सख्त कार्यशैली और सादगी के लिए जाने जाते हैं। बताया जा रहा है कि जब उन्हें अपनी फोटो के बारे में पता चला, तो उन्होंने इसे 'व्यक्ति-विशेष के प्रचार' की श्रेणी में रखते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की।
प्रशासनिक संदेश : शासन की ओर से महेंद्र प्रसाद को 'वेटिंग' में डालना एक बड़ा संकेत है। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी फंड और संसाधनों का उपयोग किसी भी अधिकारी की 'ब्रांडिंग' के लिए नहीं किया जा सकता।
अधिकार क्षेत्र से बाहर कार्य : विभागीय जांच में यह पाया गया कि कैलेंडर प्रकाशन के दौरान निर्धारित वित्तीय व प्रशासनिक गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया, जिसे लखनऊ मुख्यालय ने गंभीरता से लिया है।
अब अपनी नई पोस्टिंग की करेंगे प्रतीक्षा
फिलहाल महेंद्र प्रसाद लखनऊ मुख्यालय में अपनी नई पोस्टिंग की प्रतीक्षा करेंगे। नोएडा प्राधिकरण में उनके पास के विभागों की जिम्मेदारी अब अन्य अधिकारियों को सौंपी जा रही है। इस कार्रवाई ने नोएडा से लेकर लखनऊ तक के प्रशासनिक गलियारों में यह संदेश साफ कर दिया है कि प्रोटोकॉल से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


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