Ayurveda Tips : भोजन के बाद की एक गलती दे सकती जीवन भर पेट से जुड़ी बीमारियां

प्रारब्ध न्यूज़ डेस्क, लखनऊ 

खाने के तुरंत बाद पानी पीना यह सवाल अक्सर सभी के मन में उठता है, लेकिन कुछ लोग इसके नुकसान को जानते हुए भी उसे नजरंदाज कर देते हैं। हालांकि आयुर्वेद में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इसके फायदे और नुकसान को जानते हुए भी आज की जीवनशैली में लोग इसे नजरअंदाज करते हैं। अगर आप खाने के तुरंत बाद पानी पीते हैं तो सावधान! यह आदत गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकती है। 
भागदौड़ भरी जिंदगी में हम ध्यान ही नहीं दे पाते हैं कि खाना खाने का सही तरीका क्या है। आयुर्वेद में खाने के बाद पानी पीने को 'विष' के समान माना गया है। यदि आप भी भोजन के तुरंत बाद पानी पीले हैं, तो यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण है।


आएं जानें भोजन के तुरंत बाद पानी पीना कैस हानिकारक है। हमारा शरीर भोजन को पचाने के लिए जठराग्नि (Digestive Fire) का उपयोग करता है। जैसे ही हम कुछ खाते हैं, पेट में पाचन रस और एंजाइम्स सक्रिय हो जाते हैं। अगर पानी पी लेंगे तो जठराग्नि मंद पड़ जाती है और भोजन ठीक से नहीं पच पाता है। 


पाचन रसों का पतला होना : भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से पाचन रस (Digestive Enzymes) पतले हो जाते हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता कम हो जाती है।

लीवर और पैंक्रियाज पर दबाव : जब भोजन ठीक से नहीं पचता, तो इसका बुरा असर हमारे लीवर और पैंक्रियाज पर पड़ता है।

अग्नि-मंदता : आयुर्वेद के अनुसार, पानी जठराग्नि को शांत कर देता है। इसे 'अग्नि-मंदता' कहा जाता है, जिससे भोजन पचने के बजाय पेट में सड़ने लगता है।

गलत समय पर पानी पीने से होने वाली बीमारियाँ : अगर आप लंबे समय तक इस आदत को जारी रखते हैं, तो आपको निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

गैस और एसिडिटी : अधूरा पचा हुआ भोजन पेट में गैस पैदा करता है।

IBS और कोलाइटिस : आंतों से जुड़ी गंभीर बीमारियाँ पनपने लगती हैं। इसमें खासकर इरेटेटिंग बाउल सिंड्रोम (IBS)
इसमें कुछ भी खाने पर फौरन मल त्याग का आभास होता है।

मोटापा : भोजन का सही पाचन न होने से शरीर में टॉक्सिन्स (Fat) जमा होने लगते हैं।

पाचन सुधारने के अचूक उपाय : अच्छे स्वास्थ्य और मजबूत पाचन के लिए आपको अपनी दिनचर्या में ये दो बदलाव करने चाहिए। ताकि बेहतर स्वास्थ लाभ के साथ अपने जीवन का भरपूर आनंद उठा सकें।

पानी पीने का सही समय (Gap is Key) : भोजन करने के कम से कम 30 से 45 मिनट बाद पानी पिएं। यह समय पेट को पाचन की शुरुआती प्रक्रिया पूरी करने में मदद करता है।

सौंफ और मिश्री का जादुई प्रयोग : भोजन के तुरंत बाद पानी पीने के बजाय, थोड़ी सी मोटी सौंफ और मिश्री को मिलाकर धीरे-धीरे चबाएं। इसका रस पेट में जाकर पाचक रसों को उत्तेजित करता है। साथ में माउथ फ्रेशनर का भी काम करता है। पेट के रोगों से स्थायी राहत दिलाने में भी सहायक है।

स्वस्थ शरीर की शुरुआत एक स्वस्थ पेट से होती है। केवल सात्विक भोजन करना ही काफी नहीं है, उसे सही तरीके से पचाना भी जरूरी है। आज से ही इस छोटी सी आदत को बदलें और अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाएं।

प्रो टिप : अगर आपको खाने के बीच में बहुत प्यास लगे, तो आप एक या दो घूंट गुनगुना पानी ले सकते हैं, लेकिन पूरा गिलास भरकर पानी कभी न पिएं।


डॉ. रविंद्र पोरवाल 

बीएएमएस, एमडी पीएचडी 
पोरवाल्स आयुर्वेद, मैनावती मार्ग, कानपुर
9415133613

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